सहारनपुर में गड्ढे में दबे चाचा-भतीजे:दोनों की मौत
सहारनपुर। बड़गांव क्षेत्र के चिराऊ गांव में शनिवार शाम नलकूप के करीब 30 फीट गहरे गड्ढे से पुरानी ईंटें निकालते समय अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर गिर गई।
गड्ढे में काम कर रहे 48 साल के किसान राजेंद्र और उनके 12 साल के भतीजे गौरव मलबे में दब गए। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद राजेंद्र को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रात करीब सवा आठ बजे गौरव को भी बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक उसकी भी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है।
ग्रामीणों के अनुसार, राजेंद्र शनिवार को अपने खेत में बने नलकूप के गड्ढे से पुरानी ईंटें निकलवा रहे थे। उनके साथ एक मजदूर भी था। गड्ढे के ऊपरी हिस्से से करीब पांच फीट तक ईंटें निकाली जा चुकी थीं। इसके बाद राजेंद्र और मजदूर नीचे उतरकर ईंटें निकाल रहे थे।
इसी दौरान राजेंद्र का 12 साल भतीजा गौरव चाचा के लिए चाय लेकर खेत पर पहुंचा। वह गड्ढे के किनारे खड़ा था। राजेंद्र ने मजदूर को ऊपर जाकर चाय लाने के लिए कहा। मजदूर के बाहर निकलते ही अचानक मिट्टी की ढांग खिसक गई। ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से मिट्टी हटानी शुरू की। सूचना पर बड़गांव पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए। गड्ढा करीब 30 फीट गहरा होने और मिट्टी लगातार खिसकने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई।
करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें अचेत हालत में नानौता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। राजेंद्र को बाहर निकालने के बाद टीम ने गौरव की तलाश जारी रखी। कई घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब सवा आठ बजे गौरव भी मलबे में मिला। उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।