छह पेज का सुसाइड नोट मिला, ईओ पर लगाया 6.19 लाख रिश्वत का आरोप
पीलीभीत। सस्पेंडेड पालिका कर्मचारी ने सोमवार शाम करीब 5:30 बजे सुसाइड कर लिया। उसका शव कमरे में फंदे ले लटका मिला। घर में काम कर रही उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला तो छत के कुंडे से शव को लटकते देखा।
शव देखकर वह चीख पड़ी। चीख सुनकर घर के बाकी लोग मौके पर आ गए। परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और कमरे की जांच की। कमरे में 6 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। मामला बीसलपुर थाना के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद का है।
कर्मचारी 8 माह पहले पालिका में टैक्स वसूली के गबन के मामले में जेल गया था। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया था। सुसाइड नोट में कर्मचारी ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें दावा किया गया है कि टैक्स घोटाले के मामले में हिस्सा देने के बावजूद उसे जेल भेज दिया गया।
कर्मचारी ने विभाग के ईओ को 6.19 लाख रुपए रिश्वत देने का भी आरोप लगाया है। एड को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। वहीं, एड ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
बीसलपुर के रहने वाले उपेंद्र शंखधार (52) नगर पालिका परिषद में चपरासी/टैक्स कलेक्टर के पद पर काम करते थे। उपेंद्र को साल 2004 में उनके पिता राजेंद्र पुजारी की मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे पर टैक्स कलेक्टर के पद पर नौकरी मिली थी।
उपेंद्र के भाई अनुराग ने बताया कि सोमवार को उपेंद्र घर पर ही थे। सुबह सबकुछ सही था। फिर दोपहर में नगर पालिका के एड ने फोन उपेंद्र को फोन किया था। इसके बाद वह काफी परेशान हो गए थे। परिवार के लोगों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि एड शमशेर सिंह ने नौकरी बहाल कराने के नाम पर 8 लाख रुपये और मांगे हैं।
परिजनों के अनुसार, इस फोन कॉल के बाद उपेंद्र पूरी तरह टूट गए। उन्होंने घरवालों से कहा कि वह पहले ही सब कुछ गंवा चुके हैं और अब इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके बस की बात नहीं है। परिजनों ने उन्हें समझाया और मामले की शिकायत करने की सलाह दी, लेकिन मानसिक तनाव के चलते उन्होंने शाम करीब 5:30 बजे अपने कमरे में रस्सी के फंदे से आत्महत्या कर ली।
उपेंद्र की पत्नी शशी ने बताया कि वह शाम को घर का काम कर रही थी। जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो शव छत के कुंडे से लटक रहा था। परिवार वालों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को उपेंद्र के कमरे से 6 पेज का सुसाइड नोट भी मिला, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सुसाइड नोट के दो पेज सामने आए हैं। जिसमें उपेंद्र ने एड पर आरोप लगाते हुए कई सारी बातें लिखी हैं।
बीसलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का मामला लग रहा है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में दावा किया गया है कि एक अधिकारी को रिश्वत के रूप में 6.19 लाख रुपये दिए गए थे, जो जमीन और पत्नी के गहने बेचकर जुटाए गए थे।
सुसाइड नोट में अधिशासी अधिकारी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।