27 जून को सीएम योगी करेंगे लोकार्पण, 390 करोड़ रुपए में बना है
नोएडा प्राधिकरण। नया प्रशासनिक भवन आखिरकार तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 जून को सेक्टर-96 स्थित इस अत्याधुनिक कार्यालय भवन का उद्घाटन करेंगे। करीब 390 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन का निर्माण वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में लगातार देरी होती रही।
परियोजना पर कुल लगभग 390 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें 299 करोड़ रुपये सिविल निर्माण और 90 करोड़ रुपये विद्युत कार्यों पर व्यय किए गए। अब भवन पूरी तरह तैयार है और जल्द ही प्राधिकरण के सभी विभाग यहां से संचालित होंगे।
नए भवन का निर्माण पहले ही पूरा हो जाना था, लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने के कारण 2022 से पहले कार्यदायी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इसके बाद शेष कार्य और रेट्रोफिटिंग के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई।
इसके अलावा वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान मजदूरों के पलायन के कारण भी निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परियोजना की समयसीमा और आगे बढ़ गई।
प्राधिकरण ने शेष निर्माण कार्य को रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर दोबारा टेंडर के जरिए पूरा कराया। 27 मई 2022 को यह जिम्मेदारी एसटी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई। आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट के आधार पर भवन की रेट्रोफिटिंग कराई गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरा किया गया।
वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न विभाग अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे हैं। मुख्य प्रशासनिक कार्यालय सेक्टर-6 में, उद्यान विभाग सेक्टर-39 में और अन्य विभाग सेक्टर-19 व सेक्टर-20 में स्थित हैं।
नए भवन में सभी विभागों को एक ही परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय होगा और नागरिकों को भी विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सेक्टर-96 स्थित नया प्रशासनिक भवन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के निकट बनाया गया है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण यहां आम लोगों और कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों को सेवाएं पहले से अधिक सुगमता से मिल सकेंगी।
शुरूआत में इस परियोजना को 18 और 9 मंजिला दो टावरों के रूप में विकसित करने की योजना थी। बाद में डिजाइन में बदलाव किया गया और अब परिसर में 4 तथा 8 मंजिला दो टावर बनाए गए हैं। करीब छह एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक परिसर में बेसमेंट सहित पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कर्मचारियों और आगंतुकों को सुविधा मिलेगी।