दो दरोगा समेत सात की हत्या में वांटेड था, 1.25 लाख रुपये का था इनाम, दो भाई भी एनकाउंटर में मारे गए थे
सहारनपुर। बिहार के कुख्यात बदमाश ललन सिंह उर्फ लल्लन को यूपी रळऋ ने एनकाउंटर में मार गिराया। उस पर बिहार और यूपी में दो दरोगा, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत 7 हत्याएं, डकैती और अळट कैश वैन लूटने जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे। उस पर 1.25 लाख रुपये का इनाम भी था।
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि रविवार रात डेढ़ बजे अरढ लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में यूपी रळऋ की टीम सरसावा-नकुड़ रोड पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान बाइक से संदिग्ध बदमाश आते दिखे। रोकने को कहा तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में ललन को गोली लगी। वह गिर गया।
उन्होंने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर ललन का साथी मौके से फरार हो गया। घायल ललन को पहले उऌउ ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ सरसावा थाना क्षेत्र में हुई।
पुलिस के मुताबिक, ललन के दो भाइयों रजनीश उर्फ बऊआ सिंह और मनीष सिंह 4 साल पहले पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गए थे। तब ललन जान बचाकर भाग निकला था। ललन भाइयों के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका था।
पुलिस के मुताबिक, ललन बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के नंदगोलवा गांव का रहने वाला था। पिता शिव शंकर सिंह किसान है। उनके पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। इसमें से चार ललन, रजनीश, मनीष और बबुआ सिंह आपराधिक प्रवृत्ति के थे। तीन बेटे एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। बबुआ हाजीपुर जेल में बंद है। बड़ा भाई पत्थरु सिंह प्राइवेट जॉब करता है।
सूत्रों के मुताबिक, रजनीश ने 2016 में एसबीआई बैंक के पीओ का परीक्षा पास की थी, लेकिन फाइनल मेरिट में नाम नहीं आया। फिर वह लूटपाट करने लगा। बाद में उसने मनीष और लल्लन के साथ मिलकर गैंग बना ली। यूपी और बिहार की पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, बदमाश ललन, रजनीश और मनीष ने वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर को गोली मारकर सरकारी पिस्टल लूट ली थी। 1 नवंबर 2022 को चंदौली में एक युवक की हत्या कर बाइक लूट लिया था। उस पर वाराणसी में एक लाख और चंदौली में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।