HomeTrendingजेवर एयरपोर्ट पर आज से उड़ानें शुरू हुई

जेवर एयरपोर्ट पर आज से उड़ानें शुरू हुई

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लखनऊ से आई पहली फ्लाइट, एयरपोर्ट से पहली उड़ान से जाएंगे कामगार और श्रमिक


नोएडा। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कॉमर्शियल उड़ानें आज से शुरू गई हैं। सबसे पहले सुबह 8:05 बजे लखनऊ से यात्रियों को लेकर आया विमान नए एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो की पहली शेड्यूल्ड फ्लाइट 6ए-2278 पहुंची। यह फ्लाइट अपनी यात्रा जारी रखते हुए बेंगलुरु जाएगी। वही, एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट ने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से निकली फ्लाइट सुबह 8:05 पर जेवर एयरपोर्ट के रनवे पर उतरी। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नोएडा के कारोबारी मौजूद थे। लखनऊ से नोएडा एयरपोर्ट आई फ्लाइट यात्रियों को लेकर बंगलुरू के लिए रवाना हुई। वहीं, नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान सुबह 8:30 पर लखनऊ के लिए रवाना हुई इसमें एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 170 किसान और कामगार शामिल होंगे, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, ‘आज सुबह, मुझसे पहले बोलने वाले लोगों की तरह, मैं भी यही कहूंगा कि यह न केवल एक अच्छी सुबह है, बल्कि यहां मौजूद हम सभी के लिए यह एक बहुत ही खास और भावुक सुबह है। मैं सबसे पहले उन किसानों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बेहद अहम और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दी, जिसे आज हम हकीकत बनते देख रहे हैं। अगर यह 10 साल पहले की बात होती, तो जेवर गांव में इस शानदार एयरपोर्ट को देखने का काम नामुमकिन होता।

लखनऊ के लिए उड़ान वाली फ्लाइट में जेवर विधायक किसान और कामगारों के साथ लखनऊ जा रहे हैं। जहां इन सभी की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगी। सीएम से मुलाकात करने के बाद सभी किसान शाम को लखनऊ से फ्लाइट लेकर नोएडा लौट आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद से लगातार एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का लोगों को इंतजार था।

जेवर-ग्रेटर नोएडा के विधायक धीरेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि जेवर के किसान उसी जमीन पर बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए फ़्लाइट ले रहे हैं, जहां वे कभी अपने परिवारों के साथ खेती करते थे। यह एक ऐतिहासिक पल है।

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