HomeDharm Jyotish32वां उर्स-ए-कादरी, 'देश में मुसलमान अपनी बदहाली का खुद जिम्मेदार'

32वां उर्स-ए-कादरी, ‘देश में मुसलमान अपनी बदहाली का खुद जिम्मेदार’

-

– उर्स में शामिल होने देश भर से मेरठ पहुंचे उलेमा

मेरठ। मुसलमानों ने आज शरीयती उसूलों और नबी की सुन्नतों पर अमल करना छोड़ दिया जिसके चलते आज भारत का मुसलमान बदहाल है और इस बदहाली का वह खुद ही जिम्मेदार है। यह कहना है खानकाही खतीब मुफ्ती रहमतुल्लाह का। वह मंगलवार को गुजरी बाजार स्थित मदरसा इस्लामी अरबी अंदर कोट में आयोजित 32वें उर्स ए कादरी को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने मुसलमानों की वर्तमान स्थिति की चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि आज मुसलमान अत्याचार सह रहा है और उत्पीड़न का शिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में मुसलमान अशांति और बेचैनी के दौर से गुजर रहा है। उसका व्यापार प्रभावित हो रहा है और वह अपमान का घूंट पी रहा है। मुफ्ती रहमतुल्ला के अनुसार यदि वह अल्लाह की रस्सी को मजबूती से थाम ले और नबी की सुन्नतों को जिंदा करे तो इन सब दुश्वारियों से पार पाना संभव होगा।

मुफ्ती इश्तियाक ने कारी मुहम्मद याकूब के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौलाना राशिद रजा जिलानी ने सलातो सलाम का नजराना पेश किया। मौलाना वासिफ रजा ने देश में अमन चैन कायम रहने की दुआ कराई। उर्स में मेरठ के अलावा मेवात (हरियाणा), गौसपुर, मथुरा, दिल्ली और गाजियाबाद सहित विभिन्न शहरों से उलेमा शामिल हुए। इससे पूर्व कारी मुहम्मद इमरान ने कलाम ए रब्बानी से कार्यक्रम की शुरुआत की।

अध्यक्षता मौलाना हमीदुल्लाह खान और संचालन मौलाना रईस ने किया। उर्स के संयोजक मौलाना शम्स कादरी रहे। इससे पूर्व कारी मुहम्मद याकूब के मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी की गई। इस अवसर पर मास्टर ताजदार अहमद, मतीन खान, भैया मजहरूद्दीन, भैया शमसुद्दीन, भैया नदीम और भैया शमीम का विशेष योगदान रहा।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts