शास्त्रीनगर सेक्टर दो का परिवार पहुंचा कलक्ट्रेट, सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
शारदा रिपोर्टर मेरठ। अपना घर बचाने की गुहार लगाते हुए एक परिवार मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां पर जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए सैटबैक के नाम पर मकान तोड़े जाने का विरोध जताते हुए न्याय की मांग की।
शास्त्रीनगर सेक्टर दो की रहने वाली राधा गुप्ता ने बताया कि उनके सास ससुर द्वारा करीब 30 से 35 साल पहले ये मकान मात्र 165/ रुपए की किस्तों पर लेकर बनाए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया कि 661/6 का ध्वस्तीकरण हो या फिर आवासीय जगह में व्यवसाय बंद हो। उन्होंने कहा कि, हमारे द्वारा व्यवसाय बंद कर दिया गया। लेकिन अब आवास विकास द्वारा सेटबैक की मांग की जा रही है।
राधा ने बताया कि हम महिलाएं पिछले दो माह से तेज धूप, आंधी तूफान के बीच अपने घरों को बचाने के लिए शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में धरने पर बैठी है। जहां एक तरफ आप नारियों की इतनी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रहे है। हर जगह उनके सम्मान की बात रखी जाती है। सबसे ज्यादा महिलाओं को मान सम्मान देने और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का स्लोगन दिया जाता है। लेकिन, आज वहीं महिलाएं बेघर होने की कगार पर खड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि जिस इंसान को 40 साल व्यवसाय करते हुए हो गए हो और उसका व्यवसाय ही उजाड़ जाए तो वह क्या करेगा। लेकिन अब नौबत घरों तक आ गई है और अब आवास विकास के भ्रष्ट अधिकारी घरों को भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। जिसके चलते सैकड़ो लोगों की रोजी-रोटी और उनकी जिंदगी पर संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि, आवास विकास द्वारा सेटबैंक प्रकरण मामले में क्षेत्र के कमजोर घरों को छोड़ा जाए। क्योंकि अगर सेटबैक किया गया तो पूरा मकान ही गिर जाएगा। केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए महिलाओं ने कहा कि, हम महिलाओं की अपील है कि, हमारे व्यवसाय तो बंद हो गए। कृपया घर न तोड़े जाये। लेकिन अगर घर भी तोड़ दिए गए तो हम से बद्तर जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाएंगे।