Homepolitics news31 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा नाम एसआईआर में...

31 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा नाम एसआईआर में हटाए गए, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

-

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग इस दावे के संबंध में नए आवेदन दायर कर सकते हैं। टीएमसी का कहना है कि कई ऐसी सीटे हैं, जहां जीत का अंतर मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) के दौरान हटाए गए वोटों की संख्या से कम था।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तृणमूल कांग्रेस के उन दावों पर संज्ञान लिया है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि राज्य की कम से कम 31 सीटों पर नाम हटाए जाने की प्रक्रिया ने सीधे तौर पर चुनावी परिणामों को प्रभावित किया है।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग इस दावे के संबंध में नए आवेदन दायर कर सकते हैं कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम था।

तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में SIR के तहत नाम हटाए जाने से चुनाव नतीजों पर काफी असर पड़ा है। सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 सीटों पर जीत का अंतर SIR के फैसले की वजह से हटाए गए नामों की संख्या से भी कम था।

उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल 862 वोटों से हार गए, जबकि उस चुनाव क्षेत्र में 5000 से ज्यादा नाम हटाए गए थे। बंदोपाध्याय ने कहा कि

एआईटीसी और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर लगभग 32 लाख था, और नाम हटाए जाने के ख़िलाफ़ 35 अपीलें अभी भी लंबित हैं।

सीजीआई  सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने बंदोपाध्याय से एक अर्जी दाखिल करने को कहा। वहींchunav आयोग   ने कहा कि इसका उपाय चुनाव याचिकाएं दाखिल करना है। सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने बेंच को बताया कि मौजूदा रफ्तार से अपीलें निपटाने में अपीलीय ट्रिब्यूनल को 4 साल तक लग सकते हैं।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts