नई दिल्ली ।भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने बुधवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले साल जब भारत से पवित्र बौद्ध अवशेष वियतनाम भेजे गए, तो डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों ने उनके दर्शन किए थे। हम चंपा संभ्यता की पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखेंगे और इस अमूल्य विरासत को आने वाली पीड़ियों के लिए सुरक्षित रखेंगे।
उन्होंने कहा, एक दशक पहले वियतनाम की मेरी यात्रा के दौरान वियतनाम आसियान में भारत का पहला ‘व्यापक रणनीतिक साझेदार’ बना था। तब से हमारे संबंधों और हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। सभ्यताओं के साथ-साथ हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के संबंध भी मजबूत हुए हैं। इसी मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए आज हम अपने संबंधों को ‘आधुनिक व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जा रहे हैं। पिछले एक दशक में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
इसके अलावा, उन्होंने अपने भारत दौरे की शुरुआत बोधगया से की। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है। उनके इस दौरे और हमारी सार्थक चर्चाओं के माध्यम से हम अपनी आपसी सद्भावना को ठोस नतीजों में बदल रहे हैं। भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी में विरासत और विकास, दोनों ही अहम हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे भारत में राष्ट्रपति तो लाम का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और कई व्यापारिक दिग्गजों के साथ उनका भारत दौरा स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं।


