– ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ का प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। नगर निगम मेरठ और प्रदेश के अन्य स्थानीय निकायों की सफाई व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ ने कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना वैध लाइसेंस के ठेकेदारी कराई जा रही है। जो सरासर गलत है।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने शासनादेश दिनांक 05 जुलाई 1977 के लगातार उल्लंघन का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। कहा कि नियमों को दरकिनार कर मनमानी नियुक्तियां की जा रही हैं। जिससे उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि, इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि प्रशासन जानबूझकर आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
संघ के नेताओं ने कहा कि इससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कमिश्नरी चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। संघ ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाई। साथ ही अवैध ठेकेदारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

