– 8.62 करोड़ रुपये की कर चोरी आई सामने, मेरठ के सीए का नाम आया सामने
शारदा रिपोर्टर मेरठ। पुलिस ने बोगस फर्मों से जीएसटी चोरी करने वाले एक गिरोह को बेनकाब किया है। कुल चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एमबीए पास युवकों का यह गैंग बताया जा रहा है, जिसमें शहर का एक चार्टर्ड एकाउंटेंट भी शामिल है।

दरअसल, कुछ समय पहले जीएसटी की एसआईटी को एक शिकायत मिली कि कुछ लोग बोगस फर्म के जरिए विभाग को करोड़ों रुपये की जीएसटी का नुकसान पहुंचा रहे हैं। टीम ने इन फर्मों की तलाश शुरू कर दी।
अफसरों की मानें तो फरवरी माह में राज्य कर अधिकारी औरैया विजय शंकर दीक्षित ने खानपुर की मून इंटरप्राइजेज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच शुरू हुई तो मामला खुलकर सामने आ गया। पता चला कि यह फर्म केवल कागजों पर चल रही थी। इसके बाद बड़ी संख्या में फर्म रडार पर आ गई।
जीएसटी की छानबीन में पूरे मामले से मेरठ का लिंक निकलकर सामने आया। जल्द ही कुछ लोगों को ट्रेस भी कर लिया गया। इसके बाद पुलिस के साथ मिलकर जीएसटी की टीमों ने नौचंदी के शास्त्रीनगर से मोहम्मद अतहर, सिविल लाइन के मोहनपुरी से विशाल, किठौर के महलवाले से मोहम्मद इमरान और शहर के एक सीए लिसाड़ीगेट के तारापुरी निवासी शाह आलम को दबोच लिया।
अफसरों की मानें तो इस पूरे खेल का मुख्य सरगना मोहम्मद अतहर है, जिसने मून इंटरप्राइजेज से खेल की शुरूआत की थी। शाहआलम और विशाल अकाउंट संभालते थे और फर्जी बिल जनरेट करते थे। इमरान का काम फर्जी फर्म तैयार करना था।

