शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में पिछले कई दिनों से महिलाएं अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ रही हैं, लेकिन जब मेरठ के सांसद अरुण गोविल महिलाओं के बीच पहुंचे तो उनके हाथ खाली थे और शब्दों में केवल राजनीतिक संदेश था। यह टिप्पणी मेरठ व्यापार मंडल के अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने की।

उन्होंने मीडिया से कहा कि स्थानीय महिलाओं और व्यापारियों को उम्मीद थी कि सांसद कोई ठोस समाधान, राहत या स्पष्ट कार्ययोजना लेकर आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जनसमस्याओं के समाधान के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे विषय को सामने रखकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधने की कोशिश की गई, जबकि सेंट्रल मार्केट की महिलाओं का मुद्दा पूरी तरह से जमीनी और वास्तविक है।
महिलाएं आज अपने रोजगार, सम्मान और अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं, न कि राजनीतिक भाषण सुनने के लिए बैठी हैं। मेरा मानना है कि जनप्रतिनिधि का काम राजनीति करना नहीं, समाधान देना है। महिलाओं के संघर्ष का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। समाजवादी पार्टी ने सड़क से सदन तक इस मुद्दे को उठाने का काम किया है।
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