– पहलगाम की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं।
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री ने हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश आज भी उस पीड़ा को महसूस करता है, जिससे शोकाकुल परिवार गुजर रहे हैं, और राष्ट्र उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

आज से ठीक एक साल पहले पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को देश भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि हमले में मारे गए लोग कभी भुलाए नहीं जाएंगे और दुख की इस घड़ी में पूरे देश की संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, ‘एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।’
पीएम मोदी का यह बयान आतंकवाद के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करता है और यह संदेश देता है कि भारत चरमपंथी हिंसा के हर प्रयास का डंटकर मुकाबला करता रहेगा।
जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे आतंकियों ने भीषण हमला किया। आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई।
सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर सेना की वर्दी में आए थे। हमले में बच निकले लोगों ने बताया कि आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा, पहचान पत्रों की जांच की और फिर हिंदू होने की पुष्टि के बाद गोली मार दी।
मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पहले इलाके में खाने‑पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया, इसके बाद वहां बैठे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
———————
बैसरन घाटी- बैसरन घाटी,जिसे अक्सर इसके शानदार दृश्यों के लिए “मिनी स्विट्जरलैंड” कहा जाता है भारत के जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम से लगभग 5-7 किमी दूर स्थित एक सुरम्य घास का मैदान है। लगभग 8,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित, यह घने देवदार के जंगलों, पीर पंजाल रेंज की बर्फ से ढकी चोटियों से घिरा हुआ है, और पहलगाम शहर और लिद्दर घाटी के मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है।
घटनाएँ- 22 अप्रैल, 2025 को बैसरन मैदानी क्षेत्र में एक दुखद आतंकी हमला हुआ, जहाँ आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रतिनिधि) ने ली थी, जिसमें बैसरन के एकांत (केवल पैदल या टट्टू द्वारा पहुँचा जा सकता है, जिससे बचाव प्रयासों में देरी होती है) का फायदा उठाते हुए भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाया गया था। सुरक्षा बलों ने तब से आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया है, और पर्यटकों को पहलगाम से निकाला गया है। इस दुर्लभ घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं, कुछ लोगों ने अभी पहलगाम के मुख्य क्षेत्रों में ही रहने की सलाह दी है। यात्रा की योजना बनाने से पहले हमेशा स्थानीय सलाह की जाँच करें।


