अग्रिम जमानत देने से किया इनकार, कहा असम हाई कोर्ट जाएं
एजेंसी नई दिल्ली ।पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नही। कोर्ट ने खेड़ा की ट्रांजिट जमानत बढ़ाने की मांग से किया इनकार। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि असम की अदालत में याचिका दायर की जाए तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए पिछले आदेश और तेलंगाना हाई कोर्ट की टिप्पणी से प्रभावित नही होगा। खेड़ा को आज दोपहर के बाद गुवाहाटी हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करने का दिया आदेश। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा द्वारा हाईकोर्ट में गलत दस्तावेज लगाने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि फर्जी दस्तावेज को लेकर की गई हमारी टिप्पणी से गुवाहाटी हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई प्रभावित नहीं होगी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध किया। खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि मामले में एक्स पार्टी ऑर्डर पास किया गया है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा को मिली ट्रांजिट बेल की अवधि खत्म हो रही है। उन्होंने कहा इस देश में अनुच्छेद 21 है।
सिंघवी ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत को मंगलवार तक बढ़ाने की मांग की, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-तेलंगाना में क्यों? असम में क्यों नहीं? सिंघवी ने जवाब दिया कि मैं मंगलवार तक अग्रिम जमानत चाहता हूं, ताकि मैं असम में याचिका दायर कर सकूं।
तेलंगाना याचिका जल्दबाजी में दायर की गई थी, बहस के दौरान इस ओर ध्यान दिलाया गया और सही दस्तावेज़ दाखिल किया गया। मेरी पत्नी तेलंगाना में विधायक पद की उम्मीदवार हैं, उनका हलफनामा भी उसी दिन दाखिल किया गया था। इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया। निज़ामुद्दीन में 100 पुलिसकर्मी भेजे गए हैं, इस देश में अनुच्छेद 21 लागू है। वह आपको यह नहीं बताता कि सही दस्तावेज़ दाखिल किया गया है। यह सब पक्षपात है।
एसजी ने कहा कि गलत बयान मत दीजिए। आपका मामला यह है कि हैदराबाद में आपकी संपत्ति है। सिंघवी ने कहा कि मैं उनका बयान पढ़ रहा हूँ। सिंघवी आदेश पढ़ते हैं। सिंघवी ने कहा कि अटॉर्नी जनरल को संबंधित दस्तावेज़ सौंप दिया गया था।जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि लेकिन दस्तावेज़ की जालसाजी, सिंघवी ने कहा कि प्रतिवादी संख्या 1 की पत्नी स्थायी रूप से हैदराबाद में रहती हैं। जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि जमानत याचिका पर आइए। सिंघवी ने कहा कि इसीलिए सही दस्तावेज़ अदालत में सौंपा गया था। न्यायाधीश ने उसे मान्यता दी और दर्ज किया।