– जैन समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। महावीर जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की मांग को लेकर शनिवार को जैन समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार को संबोधित एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि, इस वर्ष महावीर जयंती 30 मार्च को है, जबकि सरकारी गजट में महावीर जयंती का अवकाश 31 मार्च को दर्शाया गया है। क्योंकि, महावीर जयंती प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को मनाई जाती है। लेकिन, कुछ चीजें भ्रमित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि, महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थकंर महावीर के जन्मदिवस (जन्म कल्याणक) के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को मनाया जाता है, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य के संदेशों को याद करने और भगवान महावीर के ‘जियो और जीने दो’ के उपदेश का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि, यह भगवान महावीर के जन्मदिवस को चिह्नित करता है, जिनका जन्म बिहार के वैशाली (कुंडग्राम) में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर हुआ था। भगवान महावीर ने अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया, यानी अहिंसा सर्वोच्च धर्म है। यह दिन सभी जीवों के प्रति दया और अहिंसा अपनाने का स्मरण कराता है। इस दिन उनके द्वारा दिए गए पंचशील सिद्धांत (सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, और अपरिग्रह) का पालन करने और उन्हें जीवन में उतारने का संकल्प लिया जाता है।
इस विषय में पहले भी अनुरोध किया जा चुका है, जबकि उत्तराखंड सरकार द्वारा महावीर जयंती का अवकाश 30 मार्च को घोषित किया जा चुका है। क्योंकि, जैन समाज का यह एक मात्र अवकाश है। इसलिए यह निवेदन है कि महावीर जयंती का अवकाश 30 मार्च का घोषित किया जाए। क्योंकि, जैन समाज सदैव से ही राष्ट्र की सेवा, समाज की सेवा में अग्रणी रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। इसलिए हम हमारे इस अनुरोध पर शीघ्र विचार करने की आशा करते हैं।

