– उद्घाटन के दस दिन बाद भी पूरी तरह बदहाल है नौचंदी मेला परिसर।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर का ऐतिहासिक नौचंदी मेला मेरठ का सबसे पुराना मेला है, जो करीब 348 साल पुराना बताया जाता है। मेरठ का यह भव्य मेला इतिहास की कहानियों को समेटे हुए है। लेकिन, सोचने वाली बात यह है कि, इस मेले में रौनक नहीं, बल्कि अव्यवस्थाएं नजर आती है।
बीती 16 मार्च को भाजपा जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मेरठ में लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। रोशनी, रौनक, झूलों के चलने की आवाज और सांस्कृतिक रंगों से सजे मेरठ की पहचान नौचंदी मेले का शानदार आगाज किया गया। शहीद गेट पर फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया गया। साथ ही आसमान में कबूतर और रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए, मानो मेले की खुशियां पूरे शहर में फैल गई हों। बैंड-बाजों की गूंजती धुनों के बीच मेले की शुरूआत ने नौचंदी मैदान को उत्सव के रंग में रंग दिया।

लेकिन दस दिन बीत चुके हैं, दर्शकों का रुझान तो दूर, खुद मेला परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली है। मेला जाने वाले प्रमुख मार्ग से लेकर परिसर के अंदर की गंदगी और कूड़े के ढ़ेर परेशानी का सबब बने हुए है, लेकिन निगम प्रशासन की इस पर अनदेखी जारी है। हाल ये है कि बारिश के बाद हुआ जलभराव आज भी जगह-जगह बना हुआ है। कूड़े के ढेर के बीच चारो तरफ की नालियों में कूड़ा जमा है और पानी उफनकर बाहर बह रहा है। इस हालत को देखते हुए कोई नहीं कह सकता कि यहां शीघ्र ही लगने वाले मेले का उद्घाटन हो चुका है।

मेला परिसर स्थल की हालत बद से बद्तर है। न साफ सफाई हुई है और न ही कच्ची सड़कों की हालत में सुधार हुआ है। इतना ही नहीं मेला परिसर में कूड़े के ढेर और आवारा पशुओं का आश्रय बना हुआ है। परिसर में शौचालयों से लेकर पेयजल व्यवस्था तक जर्जर है। सार्वजनिक शौचालय के पास ही गंदे पानी का जलभराव हुआ पड़ा है। मेला स्थल पर कुछ एक झूलों के अलावा चारों तरफ उड़ती धूल, गंदगी और आवारा पशु देखकर लगता नहीं की यहां मेला लगेगा।

मेला परिसर पर सड़क निर्माण, सीसी टाइल्स, लाइट, साफ सफाई, हरियाली, पटेल मंडप मरम्मत आदि के काम तो दूर, निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को मेला परिसर के चारों तरफ फैली गंदगी तक नही दिखाई दे रही। पूरे साल गंदगी के ढेर से अटे रहने वाले नौचंदी मेला परिसर में अब भी गंदगी का ढेर लगा है।

नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के अनदेखी मेले में आने वाले लोगों पर भारी पड़ रही है। मेले में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर जब नगर निगम अधिकारियों से फोन पर बात करनी चाही तो उनका फोन आउट आफ सर्विस मिला।



