Homeउत्तर प्रदेशMeerut31 मार्च तक नहीं दिया टैक्स तो भरना होगा जुर्माना

31 मार्च तक नहीं दिया टैक्स तो भरना होगा जुर्माना

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  • बड़े बकाएदारों के खिलाफ नगर निगम लगातार कर रहा सीलिंग की कार्रवाई।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। नगर निगम ने हाउस टैक्स जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए सख्ती बढ़ा दी है। 31 मार्च तक 20% छूट के बावजूद टैक्स न देने वाले 300 से अधिक ऐसे भवन स्वामियों पर, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया है, ताला-चाबी लेकर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते हाउस टैक्स सख्ती और सीलिंग की कार्रवाई के चलते बड़े बकाएदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

 

 

नगर निगम ने उन बकायेदारों को नोटिस देना शुरू कर दिया है, जिन्होंने भारी बकाया होने के बाद भी अभी तक भुगतान नहीं किया। इसी बात को देखते हुए 50,000 रुपये से अधिक के बकायेदारों पर नगर निगम अधिकारियों का विशेष फोकस है और अभी तक 17 भवनों को सील भी किया गया है। हालांकि, 31 मार्च तक कर जमा करने पर 20% की छूट मिल रही है, जिसके बाद 1 अप्रैल से ब्याज लगना शुरू हो जाएगा।

इस मामले में नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि, उन्होंने अभी तक 125 करोड़ रुपये के कुल लक्ष्य में से 80-90% वसूली पूरी कर ली है। लगभग जबकि, 300 भवन स्वामियों पर 10 लाख रुपये से ज्यादा और 400 लोगों पर 5 से 10 लाख रुपये का टैक्स बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि, कर वृद्धि के बावजूद राजस्व में आ रही कमी को पूरा करने के लिए नगर आयुक्त ने 100% वसूली का निर्देश दिया है।

वहीं, मेरठ नगर निगम अधिकारियों ने बकायेदारों से अपील की है कि वे सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए समय पर हाउस टैक्स जमा करें। नहीं तो आगे की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बता दें कि, उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में से एक मेरठ के निवासियों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। मेरठ नगर निगम ने करदाताओं को प्रोत्साहित करने और राजस्व वसूली को तेज करने के लिए ‘कैरेट एंड स्टिक’ (पुरस्कार और दंड) की नीति अपनाई है।

एक ओर जहां मेरठ नगर निगम हाउस टैक्स समय पर जमा करने वालों को 20 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर भारी बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग और कुर्की जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वहीं, करदाताओं को लेकर नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने स्पष्ट कर दिया है कि, 31 मार्च 2026 की समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और बकाए पर भारी ब्याज वसूला जाएगा। वर्तमान में मेरठ शहर के विभिन्न जोनों में प्रवर्तन दल सक्रिय हैं और उन संपत्तियों को चिन्हित कर रहे है, जिन्होंने वर्षों से अपने कर का भुगतान नहीं किया है।

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