– खाना बनाते हुए गैस सिलिंडर फटने से ध्वस्त हुआ मकान, परिवार के दो लोग हुए घायल।
वाराणसी। मंगलवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। यहां लहरतारा में सिलिंडर ब्लास्ट होने से एक मकान गिर गया। इस घटना में दो लोगों की जान चली गई। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा पुल के पास एक गली में गैस सिलिंडर में ब्लास्ट हुआ, जिससे मकान ध्वस्त हो गया। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान प्रीति (27) और ओम कुमार चौधरी (30) के रूप में हुई।

लहरतारा इलाके में गिरिजा देवी (60) का मकान है। यहां अपने दो बेटों अमन चौधरी (31), अवधेश चौधरी (30) और बेटी प्रीति उर्फ लक्ष्मी (24) के साथ रहती हैं। अमन प्राइवेट नौकरी करता है। अवधेश ड्राइवर था। किराए पर कार चलाता था, जबकि प्रीति पढ़ाई कर रही थी और घर के काम में मां का हाथ बंटाती थी। गिरिजा के पति आत्मा प्रसाद की 3 साल पहले मौत हो चुकी है।
गिरिजा का पुस्तैनी मकान करीब 50 साल पुराना है। पीछे का हिस्सा हाल ही में बनवाया था। आगे का 400 वर्गफीट हिस्सा जर्जर था। हादसे के वक्त सभी इसी हिस्से में थे। सुबह गिरिजा देवी किचन में खाना बना रही थीं। तभी सिलेंडर से गैस लीक होने लगी। पाइप में आग लग गई। जब तक वो कुछ समझ पातीं, तेज धमाका हो गया। मकान भराभराकर ढह गया। चारों मलबे के नीचे आ गए।
तेज धमाका सुनकर आसपास लोग भागकर आए। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के साथ रेस्क्यू शुरू किया। चारों लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स ने दो को मृत घोषित कर दिया।
लहरतारा में मंगलवार की सुबह अचानक धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। बाहर निकलकर लोगों ने देखा तो एक मकान ध्वस्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सिलिंडर ब्लास्ट करने से मकान गिर गया। जिसमें चार लोग दब गए। मकान का मलबा हटाने के लिए मौके पर जेसीबी बुलाई गई। वहीं बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
आनन-फानन रेस्क्यू कर सभी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। जहां भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में अमन चौधरी (31) और बुजुर्ग महिला गिरजा देवी (60) हैं।
घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया। सूचना पर पुलिस व अन्य टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया। दो मौत से मौके पर कोहराम मचा है।
घटना की जानकारी मिलने पर एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन, एडीएम आलोक वर्मा व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। एडीसीपी नीतू कात्यायन ने बताया कि घटना की जानकारी पर पहुंचे तो पता चला कि एक महिला गिरजा देवी अपने तीन बच्चों के साथ जर्जर मकान में रहती थीं।
मंगलवार की सुबह खाना बना रही थीं, इसी दौरान गैस सिलिंडर में रिसाव के चलते ब्लास्ट हुआ। जिससे मकान गिर गया और इसमें तीनों बच्चों समेत गिरजा देवी दब गईं। आनन-फानन स्थानीय लोगों की मदद से सभी को निकाला गया और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। इलाज के दौरान भाई- बहन की मौत हो गई। जबकि दो लोगों की इलाज चल रहा है।

