– वादा करके धोखा दिया, अमेरिका से संबंध खत्म।
नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत हमेशा के लिए खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि आश्वासन दिया गया था कि ईरान पर कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और अमेरिका ने धोखा दिया है।

एक्स पर जारी एक वीडियो में अराघची ने कहा अमेरिकियों के साथ बातचीत हमेशा के लिए खत्म हो गई है। कोई हमला न करने के वादों के बाद यह एक कड़वा अनुभव और विश्वासघात है! उन्होंने आगे कहा कि इन घटनाक्रमों ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बची हुई कूटनीतिक गुंजाइश को भी खत्म कर दिया है। अराघची ने कहा अब अमेरिकियों के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने हमला न करने का वादा करके हमें धोखा दिया और बातचीत में काफी प्रगति होने के बाद भी, उन्होंने हम पर हमला करने का ही फैसला किया।
इस अनुभव को भरोसे के लिए बेहद नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने आगे कहा यह अनुभव अत्यंत कड़वा है और भरोसे का तो नामोनिशान भी नहीं है। क्षेत्रीय युद्ध ने कूटनीति के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं!
न्यूज एजेसी एपी के अनुसार, मिडिल-ईस्ट में युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही अमेरिका और ईरान दोनों ने ही महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक व्यवधान को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अपनी धमकियों को अंजाम दिया तो होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता है तो वह तबाही मचा देंगे।
ट्रंप की धमकी और ईरान का जवाब
ट्रंप ने इस वीकेंड पर कहा कि अगर सोमवार शाम तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला गया तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को पूरी तरह से तबाह कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि अगर ट्रंप अपनी धमकियों को सच कर दिखाते हैं तो वह होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर देगा और तब तक इसे फिर से नहीं खोलेगा, जब तक कि नष्ट हुए बिजली संयंत्रों का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता।
ईरान में चल रहे युद्ध को अब चौथा हफ्ता शुरू हो चुका है और इसके कारण तेल की आपूर्ति में भारी बाधा उत्पन्न हुई है। इसकी मुख्य वजह उस होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद हो जाना है, जो दुनिया में तेल की ढुलाई का सबसे व्यस्त मार्ग है।


