– संपत्ति विवाद में घर में कुल्हाड़ी से 30 मिनट तक मारता रहा, भाई की हालत गंभीर।
बहराइच। युवक ने अपने माता-पिता, बहन और दादी को मार डाला। परिवार पर 30 मिनट तक कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करता रहा। बीच-बचाव करने आए बड़े भाई की भी जान लेने की कोशिश की, लेकिन किसी तरह वो बच गया। 10 साल का भतीजा पूरी वारदात को छिपकर देखता रहा।
चीख-पुकार सुनकर गांव वाले भागकर मौके पर पहुंचे तो मंजर देखकर दंग रह गए। फर्श पर और बेड पर लाशें बिछी थीं। बड़ा भाई दर्द से कराह रहा था। लोगों को देखकर आरोपी ने सुसाइड करनी चाही। ईंट से अपने सिर पर कई वार किए। खून ज्यादा बहने की वजह से बेहोश हो गया।

सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंची। आरोपी को गिरफ्तार कर जिला अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने की वजह से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दो भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। देर रात इसी विवाद को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी।
इस दौरान गुस्से में आकर युवक ने कुल्हाड़ी से पूरे परिवार पर हमला कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने हमले में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामनगर बसंतपुर उदल गांव की है।
रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर रूदल (मजरे रामनगर) गांव का रहने वाला गुरुदेव बरसाद वर्मा (43) का अपने छोटे भाई निरंकार वर्मा (40) से पिछले कई सालों से संपत्ति को लेकर विवाद था। पिता बदलू राम (60) ने कुछ साल पहले एक जमीन बेची थी। इससे मिले पैसे का हिस्सा निरंकार को नहीं मिला था।
परिजनों के मुताबिक, रविवार रात निरंकार अपने हिस्से के पैसे मांगने लगा। जिसे लेकर उसका पिता बदलू से विवाद शुरू हो गया। पिता ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो निरंकार ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। एक के बाद एक सिर पर कई वार किए। पिता खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।
बीच-बचाव करने आई मां संजू देवी (56), बहन पार्वती (42) और दादी शीतला देवी (80) को भी कुल्हाड़ी से काट डाला। चीख-पुकार सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद बड़ा भाई गुरुदेव बीच-बचाव करने आया तो उस पर भी टूट पड़ा। हमले में गुरदेव वर्मा भी गंभीर घायल हो गए।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से निरंकार ने खुद को भी खत्म करने की सोची। अपने सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार करने लगा। बहुत खून बह जाने की वजह से बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर बदलू, संजू, पार्वती और शीतला देवी को मृत घोषित कर दिया गया। गुरुदेव का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। निरंकार को लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मौके से खून से लथपथ कुल्हाड़ी और खून से सनी ईंट बरामद कर ली है।
10 साल के मासूम ने देखा मौत का मंजर
घटना का एकमात्र चश्मदीद गवाह गुरुदेव का 10 साल का बेटा आजाद बाल-बाल बच गया। वह घटना के समय पिता के साथ दूसरे कमरे में था। शोर-शराबा सुनकर वह बाहर आया। चाचा को देखकर बाहर ही छिप गया। अपनी आंखों से पूरा हत्याकांड देखता रहा। फिलहाल पुलिस ने आजाद को अपनी सुरक्षा में ले लिया है। उससे घटना के बारे में जानकारी ले रही है।
बड़े भाई की तहरीर पर केस दर्ज
गुरुदेव वर्मा ने थाना रुपईडीहा में लिखित तहरीर देकर निरंकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने निरंकार को गिरफ्तार कर इलाज के लिए लखनऊ भेजा है। उसके ठीक होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
एएसपी (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में जमीनी विवाद का मामला सामने आया है। मौके पर फॉरेंसिक टीम मौजूद है। आरोपी का इलाज जारी है। झाड़ियों के पास से वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की गई है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।

