– सूचना पर भाजपा नेताओं ने उतरवाए झंडे, बाजार पर लटकी है ध्वस्तीकरण की तलवार।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। ऐसे में बाजार में व्यापारियों ने भाजपा का विरोध करते हुए सपा के झंडे लगा दिए थे। बाजार में कई दुकानों पर रातोंरात अचानक सपा के झंडे, पोस्टर लगा दिए गए।

सुबह होते ही जब बाजार खुला तो कई दुकानों पर सपा का झंडा था। थोड़ी देर बाद इन झंडों को स्थानीय भाजपा नेताओं ने हटवा दिया। व्यापारियों का आरोप है कि हमारे बाजार पर संकट मंडरा है। एक कांप्लेक्स पहले ही टूट चुका है। अब दूसरी दुकानें टूटने की बारी आ चुकी है। लेकिन भाजपा जनप्रतिनिधियों का हमें सहयोग नहीं मिल रहा। इसलिए ये सपा के झंडे लगाए थे।
यह है सेंट्रल मार्केट का विवाद: बता दें कि पूरे सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण होना है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी आदेश दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में चिंता बढ़ती जा रही है। मंगलवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारी आवास विकास परिषद पहुंचे, जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन करते हुए आवास विकास परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने परिषद के अधिकारियों को बुलाने की मांग की। काफी देर चले धरने के बाद व्यापारियों ने आवास विकास के गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया और अधिकारियों को व्यापारियों के बीच 24 घंटे में आने का अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही व्यापारियों ने आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना और परिषद के खिलाफ मुदार्बाद के नारे लगाए। व्यापारियों का कहना है कि जहां 661/6 पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है, वहीं अब धरना दिया जाएगा।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने किया पोस्ट: सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का दर्द बहुत असहनीय है और हमारे द्वारा सदन में प्रमुखता से विधानसभा कार्यवाही में यह विषय उठाया गया।
हम सेंट्रल मार्किट के व्यापारियों के हर दु:ख दर्द में उनके साथ है और उनकी आवाज बनने का हम काम करेंगे. आज उनकी पीड़ा और उनके साथ हुए धोखा से बहुत बुरी तरह आहत है, हम उनकी हर पटल पर उनकी मदद करने के लिये तैयार है। हमारे दल ने हमेशा उनका लड़ाई लड़ी और आगे भी पूरे सामर्थ से लड़ेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया है ध्वस्तीकरण का आदेश
27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आवास विकास को छह सप्ताह का समय दिया था जो कमर्शियल एक्टिविटी हो रही है उसे रोक दिया जाए और बाजार को ध्वस्त कर दिया जाए। इसके बाद व्यापारियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी बात रखी थी, जिसमें उन्होंने बाजार तोड़ने से रोकने की अपील भी की थी। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश देकर इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
राहत की गुहार और आगामी सुनवाई
अधिकारियों ने व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानकारी दी। इसके बाद भोलेश्वर मंदिर में भी व्यापारियों की बैठक हुई, जहां उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया गया। सतीश गर्ग ने बताया कि व्यापारी सुप्रीम कोर्ट में मार्मिक अपील के साथ याचिका दायर करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापारियों को राहत दिलाना है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत आपत्ति पत्र दाखिल किया है। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होगी।

