– खुलेआम भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप, अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने बुधवार को आरटीओ कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में किसान आरटीओ परिसर और सड़क पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि आरटीओ कार्यालय में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों से 6,000 रुपये तक की ‘एंट्री फीस’ ली जाती है। किसानों ने एआरटीओ प्रशासन प्रीति पांडे पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो वाहन चालक यह ‘एंट्री’ नहीं देता, उसका तत्काल चालान कर दिया जाता है।
धरने के दौरान, भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरटीओ अधिकारियों से बातचीत की। आरटीओ अनीता सिंह और एआरटीओ प्रशासन कर्दम सिंह से हुई इस वार्ता में किसानों के अनुसार कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने एसडीएम या जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। प्रशासन से एडीएम, एसडीएम या जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की उनकी मांग पर कोई स्पष्ट जवाब न मिलने पर किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की घोषणा कर दी।
इस दौरान किसानों ने आरआई अजय तिवारी पर एक हजार सरकारी फीस के अलावा दो हजार रुपये की रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरटीओ में कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें जिला अध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, जिला महासचिव अमित चौधरी, मंडल उपाध्यक्ष साजिद अल्वी, मुजफ्फरनगर के नगर मीडिया प्रभारी राजन चौधरी, चौधरी चंद्रवीर सिंह, समीम अहमद, मोनू भटका, जिला सचिव कलीम प्रधान, मंडल उपाध्यक्ष सरदार अमरपाल सिंह, कृष्ण प्रधान, सुधांशु, जिला प्रभारी मुनसेव अली, ब्लॉक अध्यक्ष अब्बास सफी और तहसील अध्यक्ष आबिद शामिल थे।

