– जीवन में सफलता और शांति के लिए मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण पर विशेष व्याख्यान का आयोजन।
– भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम सब बाहर से सफल लेकिन अंदर से परेशान यही मानसिक अशांति है।
मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी , कॉलेज मेरठ, की “मेडिकल कमेटी” तथा बेटियां फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधा में तथा प्राचार्या अनिता राठी के कुशल निर्देशन में एक इंटरेक्टिव सेशन का आयोजन “जीवन में सफलता और शांति के लिए मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण” पर किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में बेटियां फाउंडेशन की प्रदेश प्रमुख राधिका अत्री , जिला उपाध्यक्ष नीना गुप्ता , परियोजना प्रबंधक रितु अग्रवाल तथा सुभारती मेडिकल कॉलेज से डॉ राहुल बंसल (एमबीबीएस, एमडी) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन डॉ. राहुल बंसल ने छात्राओं को मानसिक एवं आध्यात्मिक शांति का अर्थ बताते हुए मानसिक अशांति के कारण और मानसिक और आध्यात्मिक शांति पाने के उपायों को बताते हुए कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम सब बाहर से सफल दिखते हैं लेकिन अंदर से परेशान होते हैं, यही मानसिक अशांति है, जबकि आध्यात्मिक शांति धर्म तक सीमित नहीं है बल्कि यह आत्मा और मन की गहरी शांति है।

मानसिक शांति के कारण बताते हुए डॉक्टर साहब ने जरूरत से ज्यादा अपेक्षाएं, भविष्य की चिंता , मन का अशांत होना आदि के बारे में बताया साथ ही किताबों को सकारात्मक व्यक्तित्व का एक अभिन्न मित्र बताया और कुछ किताबों जैसे “जीत आपकी”, “सकारात्मक सोच की शक्ति” “आपका व्यक्तित्व” “विचार क्रांति” आदि जैसी पुस्तकों को दिखाते हुए सकारात्मक मानसिक शांति के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के सबसे बड़े शत्रु कृत्रिम बुद्धि (A I) का युवाओं पर पड़ने वाले दुष्परिणामों को साक्ष्यों के माध्यम से छात्राओं को अवगत कराया ।

कार्यक्रम में बेटियां फाउंडेशन की ओर से छात्राओं को आयरन की दवाओं का वितरण किया गया। मनोविज्ञान विभागप्रभारी डॉ. वंदना शर्मा ने छात्राओं को माइंडफुलनेस की उपयोगिता से अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान में जीना जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण कला है। वर्तमान हमें प्रतिक्षण माइंडफुल रहना सिखाता है जबकि अतीत एवं भविष्य दोनों ही वास्तविकता से परे हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की मेडिकल कमेटी इंचार्ज डॉ. विनेता ने सभी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए सबका धन्यवाद किया। कार्यशाला में डॉ. वंदना शर्मा, प्रो. दीपा त्यागी, प्रो. ममता , डॉ. स्वर्णा, डॉ. मीनू, डॉ. महिमा, डॉ. नीतू, कु. पंखुड़ी कक्कर एवं ज्योति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विदुषी वशिष्ठ द्वारा किया गया । सोहनवीर का विशेष योगदान रहा।


