राजनाथ बोले-क्या वो पुस्तक प्रकाशित हुई?
नई दिल्ली। संसद में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने डोकलाम का मुद्दा उठाया। हालांकि इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की बात कर रहे हैं और जिस किताब की बात कर रहे हैं। वह पब्लिश ही नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा कि मुझे समय देने के लिए सदन का धन्यवाद। आगे कहा कि पक्ष के साथियों की तरफ से कई आरोप कांग्रेस पर लगाए गए हैं। मैं उस बारे में अभी कोई बात नहीं करूंगा. इसके बजाय मैं कुछ पढ़कर शुरू कर रहा हूं। जो कि आर्मी चीफ नरवणे का मेमोइर है। आप सब ध्यान से सुने कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं है। राहुल गांधी के इतना कहते ही हंगामा शुरू हो गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खड़े होकर राहुल गांधी के बयान और बुक का विरोध भी किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब का जिक्र कर रहे हैं। वह आज तक पब्लिश ही नहीं हुई है। कैसे माना जाए कि उस किताब में लिखा क्या है? विपक्ष के बाद 4 जनवरी को प्रधानमंत्री जवाब देंगे। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को बजट से जुड़े सभी सवालों का जवाब भी दे सकती हैं।
संसद में 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया था। इस दौरान उन्होंने 85 मिनट का भाषण दिया था। संसद के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है। इस दौरान सदन में सांसद सबार्नंद सोनोवाल ने प्रस्ताव सदन में रखा। कुल मिलाकर धन्यवाद प्रस्ताव पर 18 घंटे की चर्चा की जाएगी।
स्पीकर की रूलिंग के बाद राहुल गांधी ने आपत्ति जताते हुए कहा, ‘इसमें ऐसा क्या है, जो उन्हें इतना डरा रहा है? अगर वे डरे नहीं हैं, तो मुझे पढ़ने दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी का यह बयान उस वक्त आया जब वे चीन से संबंधित ‘अनलिस्टेड’ मुद्दा उठाते हुए पत्रिका के लेख से उद्धृत करने का प्रयास कर रहे थे और स्पीकर ने इसे नियमों के खिलाफ माना।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के लगातार रूलिंग के विपरीत जाने पर तीखी टिप्पणी की। रिजिजू ने कहा, ‘लोकसभा में स्पीकर की रूलिंग नहीं मानने वाले सदस्य के साथ क्या किया जाना चाहिए, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।