– अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश का दौर खत्म, अनिवार्य हुआ फास्ट टैग।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। भारत के सड़क परिवहन इतिहास में साल 2026 एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। अगर आप अक्सर अपनी कार से नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ‘भैया, खुल्ले नहीं हैं’ या ‘कैश ले लो’ जैसे वाक्य अब टोल प्लाजा पर सुनाई नहीं देंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टोल कलेक्शन सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करने का फैसला किया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि एक अप्रैल 2026 से देश के सभी टोल प्लाजा पूरी तरह से ‘कैशलेस’ हो जाएंगे। यानी, नकद लेन-देन को शतप्रतिशत बंद कर दिया जाएगा। अब टोल बैरियर पर सिर्फ डिजिटल मोड यानी फास्टैग या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के जरिए ही टैक्स वसूला जाएगा। इसके साथ ही, वाहन मालिकों को कागजी कार्रवाई से राहत देते हुए एक फरवरी 2026 से फास्टैग जारी करने के लिए अनिवार्य केवाईवी प्रक्रिया को भी खत्म करने का बड़ा ऐलान किया गया है।
अभी तक नियम यह था कि अगर किसी गाड़ी में फास्टैग नहीं है या फास्टैग काम नहीं कर रहा है, तो वह दोगुनी राशि नकद देकर निकल सकता था। लेकिन एक अप्रैल से यह विकल्प खत्म होने जा रहा है। वहीं, नई व्यवस्था में अब हर लेन ‘फास्टैग लेन’ होगी। अगर आपके पास टैग नहीं है, तो आपको मौके पर ही डिजिटल भुगतान करना होगा। जुमार्ने की नई दरों का नोटिफिकेशन आना बाकी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बिना डिजिटल भुगतान के बैरियर पार करने की कोशिश करने पर भारी जुमार्ना लगाया जाएगा या गाड़ी को यू-टर्न लेने पर मजबूर किया जाएगा।


