– हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के बस्तोरा नारंग गांव का मामला।
शारदा रिपोर्टर हस्तिनापुर। क्षेत्र के बस्तोरा नारंग गांव में स्थित एक गौशाला में चार गोवंशों की मौत का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और गौसेवकों में रोष फैल गया। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौशाला परिसर में चार गोवंश मृत अवस्था में पाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से गौशाला में व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं और गोवंशों के चारे-पानी व देखभाल को लेकर लापरवाही बरती जा रही थी। सुबह जब गौशाला के कर्मचारियों ने गोवंशों को देखा तो चार पशु मृत पाए गए, जिसके बाद इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी गई।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण गौशाला पहुंच गए और मामले की जानकारी ली। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि गोवंशों की मौत बीमारी, भूख, या उचित उपचार के अभाव में हो सकती है। वहीं, कुछ गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की कि मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने गौशाला का निरीक्षण किया और प्रबंधन से आवश्यक जानकारी ली।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में गौशालाओं की स्थिति और उनके संचालन को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को गौशालाओं की नियमित निगरानी करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और गोवंशों की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
गांय की संख्या पर विवाद
ग्रामीणों ने आरोप लगाया पहले गायों की संख्या 54 थी। चार गाय मर चुकी हैं लेकिन अब 42 गाय मौजूद हैं। ऐसे में आठ गाय कहां गई? इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। वहीं अधिकारियों को कहना है जल्द मामले की जांच की जाएगी।


