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Saturday, January 10, 2026
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दलित महिला की हत्या: बेटी के अपहरण को लेकर तनाव, गांव सील

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– घटना के बाद गरमाई राजनीति, जातियता का रूप देने का हो रहा प्रयास।

– मृतका के अंतिम संस्कार के लिए डीएम-एसएसपी कर रहे मनुहार।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। मां की हत्या कर अगवा की गई दलित लड़की का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी युवती का पता नहीं चल सका है। गुरुवार को आरोपी पारस राजपूत ने मां की हत्या कर लड़की का अपहरण कर लिया था। आरोपी के पकड़े जाने और लड़की की सकुशल वापसी तक परिजन ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।

कपसाड़ गांव में परिजन से मिलने जा रहे सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने गांव में घुसने नहीं दिया। उनको गांव के बाहर ही रोक दिया गया, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद वह गांव के बाहर धरने पर बैठ गए।

 

कपसाड़ कांडः महिला की हत्या व बेटी का अपहरण, गिरफ्तारी को पुलिस की छापेमारी, राजनीतिक रंग लेती घटना ! Video News…

 

सपा, आजाद समाज पार्टी और भारतीय किसान यूनियन के लोग भी पहुंचने लगे हैं। गांव में 10 थानों की पुलिस तैनात है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा चीफ पूर्व सीएम मायावती, सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण आदि ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पांच टीमें लड़की और आरोपियों की तलाश में लगी हैं। सरधना, ठाकुर चौबीसी, दौराला और कैली गांव में दबिश दी गई। 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पारस लड़की को पैदल जंगल के रास्ते ले गया था। करीब पांच किलोमीटर चलने के बाद वह एक सफेद रंग की आल्टो कार में सवार होकर फरार हो गया। दोनों की आखिरी लोकेशन दौराला थाना क्षेत्र के कैली गांव में मिली है। ग्रामीणों ने भी उन्हें वहां देखा था। वारदात के बाद से आरोपी पारस, उसका दोस्त सुनील और दो अन्य युवक फरार हैं। सभी के मोबाइल फोन बंद हैं।

दरिदों ने शादी की खुशी मातम में बदल दी: किडनैप हुई बेटी के पिता ने कहा कि हम तो बेटी की शादी की तारीख का मुहूर्त तय करने वाले थे, लेकिन दरिंदों ने हमारी खुशी को मातम में बदल दिया। पहले बेटी की शादी 2 मई को तय थी, लेकिन अप्रैल में मुहूर्त निकलवाने की तैयारी कर रहे थे। उसी के लिए आज बात करनी थी, इससे पहले ही सब उजड़ गया। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा। बेटी को लापता हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

भाई ने जताई अनहोनी की आशंका: पीड़िता के भाई नरसिंह ने कहा कि 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी बहन का कोई पता नहीं चला है। उन्होंने बहन के साथ अनहोनी की आशंका जताई है और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।

विधायक की मौजूदगी में परिजन-प्रशासन के बीच बातचीत: पीड़ित परिवार से मिलने की इजाजत के बाद गांव के बाहर धरना दे रहे सपा विधायक अतुल प्रधान ने उनके घर पहुंचकर मुलाकात की है। विधायक करीब एक घंटे तक वहां रहे। पीड़ित परिवार के घर से विधायक अतुल प्रधान के निकलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजन के घर पहुंचे। पुलिस सुरक्षा में मृतक महिला के पति सत्येंद्र को पंचायत भवन लाया गया।

यहां परिजन और प्रशासन के बीच बातचीत हुई। विधायक अतुल प्रधान भी बातचीत में मौजूद रहे। परिजन ने चार प्रमुख मांगे प्रशासन के सामने रखी। जिनमें बेटी की बरामदगी 48 घंटे में हो, परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद मिले, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शस्त्र लाइसेंस जारी हो।

अपराधी की कोई जाति नहीं होती: प्रभारी मंत्री

प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। यह घटना निंदनीय है। एसएसपी को आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं। युवती को भी जल्द सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। सपा सरकार में गुंडाराज था, जिसे योगी सरकार ने खत्म किया है। अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

 

अतुल प्रधान को गांव जाने से रोका, धरने पर बैठे

सरधना विधायक अतुल प्रधान जब पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया। सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया, जिससे मौके पर हंगामा हो गया।विधायक को रोके जाने के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुला लिया। माहौल गमार्ने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया।

पुलिस कार्रवाई से नाराज विधायक अतुल प्रधान मौके पर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाना गलत है और यह सरकार की संवेदनहीनता को दशार्ता है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग की बरामदगी नहीं होती, वह पीछे नहीं हटेंगे।

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