– दरोगा का आरोप परिचय पूछा तो रौब गांठ रही थीं सीबीसीआईडी की कांस्टेबल।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सीबीसीआईडी की एक महिला हेड कॉन्स्टेबल के साथ थाने में दरोगा ने बद्तमीजी की है। महिला हेड कॉन्स्टेबल की गलती केवल इतनी थी कि उन्होंने अपनी स्कूटी का चार्जर दरोगा के कमरे से कनेक्ट कर लिया था।

आरोप है कि दरोगा ने चार्जर पर लात मारकर उसे फेंक दिया। इसके बाद जमकर बवाल हुआ। हंगामे की सूचना पर सीओ कैंट पहुंच गईं। बाद में सीबीसीआईडी के लोग थाने पहुंचे और महिला हेड कॉन्स्टेबल को अपने साथ लेकर लौट गए। थानाध्यक्ष ने पूरे मामले की रिपोर्ट एसएसपी को भेजी है।
मीनाक्षी सीबीसीआईडी में हेड कॉन्स्टेबल हैं। उनके पास इलेक्ट्रिक स्कूटी है। मंगलवार को माल रोड के पास अचानक उनकी स्कूटी की चार्जिंग खत्म हो गई। वह स्कूटी लेकर सीधे लालकुर्ती थाने पहुंचीं। अंदर जाकर मीनाक्षी ने एक कमरे में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड से स्कूटी के चार्जर को प्लग कर दिया।
इसी बीच थाने में तैनात एक दरोगा वीरेंद्र पाल सिंह कमरे में पहुंच गए। उन्होंने बिना परमिशन थाने की बिजली इस्तेमाल करने पर नाराजगी जताई। देखते ही देखते महिला हेड कॉन्स्टेबल और दरोगा के बीच बहस और फिर नोकझोंक होने लगी। हंगामा होते देख एसओ हरेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
मीनाक्षी ने एसओ के सामने बताया कि दरोगा वीरेंद्र पाल सिंह ने न केवल मेरे साथ अभद्रता की, बल्कि लात मारकर मेरा चार्जर भी फेंक दिया। जबकि मैं उन्हें बता चुकीं थी कि मैं भी पुलिस विभाग से हूं और तैनाती सीबीसीआईडी में है।
इसके बाद दरोगा और ज्यादा अभद्रता पर उतर आए। बीच बचाव के लिए अन्य पुलिसकर्मियों को आना पड़ा। मैंने वहां मौजूद दरोगा से पूछकर ही स्कूटी चार्जिंग पर लगाई थी। थाना इंचार्ज अपने दरोगा का बचाव कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष हरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि महिला ने बिना पूछे स्कूटी चार्ज करनी शुरू कर दी। वह सादे कपड़ों में थीं। दरोगा ने उनका परिचय जानने का प्रयास किया, तो वह बिगड़ गईं और खुद को सीबीसीआईडी में तैनात बताकर रौब दिखाने लगीं।
वह किसी को कुछ समझ ही नहीं रहीं थी। दरोगा वीरेंद्र पाल सिंह ने अभद्र व्यवहार नहीं किया। उन्होंने तुरन्त अफसरों को जानकारी दी, जिसके बाद सीओ नवीना शुक्ला वहां पहुंची और दोनों पक्षों से बात की। वह सीओ को भी अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं।
एसएसपी को भेजी जाएगी रिपोर्ट: देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। उसकी सूचना पहले एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और फिर एसएसपी डा. विपिन ताडा तक पहुंच गई एसएसपी ने सीओ कैंट से पूरे मामले की रिपोर्ट मांग ली। करीब दो घंटे सीओ थाने में मौजूद रहीं। दोनों पक्षों से बात कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस मामले में थाने में तस्करा भी डाला गया है।
सीसीटीवी में कैद है पूरी घटना: दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगा रहे हैं। सीओ के सामने भी थानाध्यक्ष हरेंद्र पाल सिंह व दरोगा, महिला हेड कॉन्स्टेबल पर आरोप लगाते रहे। महिला हेड कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाते हुए कहा कि दरोगा यह भूल गए थे कि वह महिला से बात कर रहे हैं। जितनी अभद्रता वह कर सकते थे, दरोगा ने की। महिला कॉन्स्टेबल ने उड नवीना शुक्ला से कहा कि सीसीटीवी कैमरे चेक किए जाएं तो सबकुछ साफ हो जाएगा।

