spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Thursday, January 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerutमेरठ: जेल में बंद गुर्जर नेताओं से मिलने पहुंचे ये बड़े नेता,...

मेरठ: जेल में बंद गुर्जर नेताओं से मिलने पहुंचे ये बड़े नेता, लगातार गरमा रहा है सम्राट मिहिर भोज मामला

-

  • जेल में बंद गुर्जर नेताओं से मिलने पहुंचे भीम आर्मी चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर।
  • राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने भी जेल में बंद गुर्जर प्रतिनिधियों से की मुलाकात।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। दादरी प्रकरण के जेल में बंद 22 आरोपियों से मुलाकात करने के लिए भीम आर्मी चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर गुरुवार को जिला जेल पहुंचे। उनके आगमन को लेकर सिवाया टोल प्लाजा से जिला जेल तक भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। जेल परिसर के बाहर भी पुलिसकर्मी मुस्तैदी से तैनात है।

 

उल्लेखनीय है कि दादरी प्रकरण के चलते मेरठ जेल में बंद आरोपियों का मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। सांसद चंद्रशेखर की मुलाकात को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। दादरी प्रकरण में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी भी जेल में बंद हैं।

 

वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर भी गुरूवार को जेल में बंद गुर्जर प्रतिनिधियों से मिलने पहुंचे। बाहर आकर मीडिया को उन्होंने बताया कि वह सरकार का प्रतिनिधि होने के साथ ही अपनी बिरादरी के भी प्रतिनिधि हैं। इसलिए उन्होंने जेल में बंद गुर्जर समुदाय के लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के साथ ही अन्य बातों की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन किसी पर भी पक्षपात पूर्ण कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।

मेरठ के दादरी में गुर्जर महापंचायत के दौरान हुए बवाल और पुलिस पर पथराव की घटना को लेकर गुरुवार को ऊर्जा राज्य मंत्री डा सोमेंद्र तोमर ने जेल पहुंचकर गुर्जर समाज के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान जब वह जेल से बाहर आए तो उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस पर जो पथराव हुआ है, वह बाहरी युवकों ने किया है। यह सब साजिशन किया गया है। गुर्जर समाज के लोग केवल ज्ञापन देने के लिए गए थे। बवाल करने वाले पहले से ही भीड़ में शामिल हो गए और मुंह पर कपड़ा बांधकर वारदात की। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, उन्हें रिहा कराया जाना चाहिए और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 

बता दें कि, सरधना के कपसाड़ गांव में मुख्य एंट्री मार्ग पर राजपूत सम्राट मिहिर भोज का बोर्ड लगाया गया था। इसी को लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने विरोध जताया और 21 सितंबर को दौराला के दादरी गांव में गुर्जर महापंचायत का ऐलान किया गया था। पुलिस प्रशासन ने परमिशन नहीं दी और दादरी को 21 सितंबर की सुबह ही सील कर दिया गया था। इसके बाद भीड़ को हाइवे पर रोका गया था। पुलिस पर कुछ युवकों ने हमला करते हुए पथराव किया था। पुलिस ने लाठियां फटकार कर मामला काबू किया और मुकदमा दर्ज कर 22 लोगों की गिरफ्तारी की थी। इस मामले में ऊर्जा राज्य मंत्री डा सोमेंद्र तोमर गुर्जर समाज के लोगों से मिलने के लिए जेल में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि, पुलिस पर पथराव और बवाल की घटना साजिश है।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts