मां ने तीन बच्चों को गला घोंट मार डाला, खुद फंदे से लटक कर दी जान।
बागपत। तीन बच्चों की हत्या करने के बाद एक महिला ने अपनी जान दे दी। मंगलवार देर रात महिला ने पहले अपने तीनों बच्चों का चुनरी से गला घोटा, फिर खुद फंदे से लटक गई। उस वक्त पति घर के बाहर सो रहा था। मामला टीकरी के भोजपुरी पट्टी का है। पत्नी बच्चों को लेकर शहर में रहने की जिद कर रही थी लेकिन पति इसके लिए राजी नहीं था। आए दिन पति-पत्नी में इसको लेकर विवाद होता था। एक दिन पहले भी पति-पत्नी के बीच इसी मुद्दे को लेकर झगड़ा हुआ था। पड़ोसी बताते हैं कि 24 घंटे से दोनों के बीच बातचीत नहीं हुई थी।
टीकरी गांव का रहने वाला विकास, बस ड्राइवर था। वह टूरिस्ट बस चलाता था। विकास की पहली शादी से एक सात साल की बेटी गुंजन थी। पत्नी पहले ही छोड़कर चली गई थी। गांव के लोग बताते हैं कि टूरिस्टों को लेकर विकास विभिन्न शहरों में आता-जाता रहता है। किसी टूर के दौरान ही विकास की मुलाकात पंजाब में तेज कुमारी से हुई थी। तेज कुमारी भी अपने पहले पति को छोड़ चुकी थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और फिर शादी का फैसला किया।
करीब सात साल पहले विकास ने तेज कुमारी से शादी कर ली। विकास उसे लेकर गांव आ गया। दोनों साथ रहने लगे। तेज कुमारी को दो साल पहले एक बेटी हुई, जिसका नाम किट्टो रखा। पांच महीने पहले मीरा को जन्म दिया।
गांव के लोग बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से विकास और तेज कुमारी के बीच काफी झगड़ा होता था। तेज कुमारी, शहर में रहने का जिद कर रही थी। दोनों के बीच लगातार इसको लेकर झगड़ा होता था। पति शहर में रहने को राजी नहीं था।
विकास ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी गुंजन मुजफ्फरनगर के शाहपुर गांव में भतीजी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। 12 सितंबर को उसका जन्मदिन था। इसी वजह से तेज कुमारी आठ सितंबर को स्कूटी से शाहपुर गई और गुंजन को साथ लेकर घर आई। उसने विकास से कहा था कि जन्मदिन की तैयारी पहले ही कर लेंगे। परिवार उसी की तैयारी में जुटा था।
सोमवार किसी बातचीत के दौरान पति-पत्नी दोनों में एक बार फिर शहर जाने को लेकर झगड़ा हो गया। विकास ने साफ कहा-वह शहर जाकर नहीं रहेगा। इसके बाद पति-पत्नी के बीच बातचीत बंद हो गई। मंगलवार की रात में तेज कुमारी ने सबको खाना खिलाया। पति खाना खाकर बाहर सोने चला गया। इसके बाद उसने अपनी बेटी गुंजन (7), बेटे कीटो (2) और पांच महीने की बेटी मीरा का गला चुनरी से घोंट दिया। तीनों बच्चों की जब मौत हो गई, उसके बाद तेज कुमारी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
देर रात में पति की नींद खुली तो वह पानी पीने घर में आया। कमरे में झांका तो देखा, तीनों बच्चों के शव पड़े थे। उसकी पत्नी फंदे से लटकी है। वह चिल्लाकर गांव के लोगों को बुलाया। पड़ोस में रहने वाले एक लड़के को रोशनदान से अंदर उतारा गया। वह अंदर से बंद दरवाजे को खोला। तबतक पुलिस पहुंच चुकी थी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारा। फिर चारों शव कमरे से बाहर निकाला गया।
एसपी बागपत सूरज कुमार राय ने बताया कि मृतक महिला अपने बच्चों को शहर ले जाना चाहती थी, इसी वजह से पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद हो रहा था। पिछले 24 घंटे से दोनों के बीच बातचीत भी बंद थी। इसी तनाव के चलते महिला ने कमरे में अपनी तीनों बच्चियों को बंद कर दिया और चुन्नी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


