spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Tuesday, February 10, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeदेशबिहार में मतदाता सूची पर आपत्ति अब 15 सितम्बर तक

बिहार में मतदाता सूची पर आपत्ति अब 15 सितम्बर तक

-

एसआईआर को लेकर शीर्ष कोर्ट ने कहा विश्वास की कमी


एजेंसी नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार में एसआईआर से जुड़े मामले की सुनावई की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी राज्य बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद तैयार की गई मतदाता सूची के मसौदे पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ा दी। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य में चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास की काफी कमी देखने को मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने विश्वास की इस कमी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

 सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ मसौदा सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने की 1 सितंबर की समय सीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि बिहार के लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण से कोई समस्या नहीं है। केवल याचिकाकर्ता ही इसमें नाराज हैं।
चुनाव आयोग ने पीठ को सूचित करते हुए कहा कि उसे प्राप्त अधिकांश आवेदन मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग करते हैं, और नाम शामिल करने के अनुरोधों की संख्या बहुत कम है।
याचिकाकतार्ओं की ओर से कहा कि चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का बेहद अभाव है। वहीं, इस पर चुनाव आयोग पीठ को बताया कि बाधा डालने की मानसिकता इसके लिए जिम्मेदार है।

चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि समय सीमा बढ़ाने से चुनाव से पहले मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का पूरा कार्यक्रम बाधित होगा। आयोग ने कहा कि समय सीमा को आगे बढ़ाने से समीक्षा एक अनंत प्रक्रिया बन जाएगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अंत में समय सीमा 15 सितंबर तक बढ़ा दी है।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts