सीसीएसयू में हुई नारी शक्ति वंदन पर छात्र चर्चा
शारदा रिपोर्टर मेरठ। महिला अध्ययन केन्द्र एवं विधि अध्ययन संस्थान, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में अटल सभागार में छात्र चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने किया।
कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पर छात्र-चर्चा आयोजित की गई तथा विषय विकसित भारत में महिलाओं की पथप्रदर्शक भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। मुख्य अतिथि मनीषा अहलावत ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है। इससे महिलाओं की भागीदारी नीति-निर्माण में बढ़ेगी और समाज में संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका और विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही राष्ट्र को सशक्त बनाने की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि रेखा त्यागी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान अवसर मिलेगा।
नम्रता सिंह ने कहा कि कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने छात्राओं को विधिक जागरूकता के महत्व के बारे में बताया और कहा कि हर महिला को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
डाक्टर प्रेरणा गर्ग ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और आत्मविश्वास ही उनकी प्रगति का आधार है। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ महिला ही एक सशक्त समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
प्रोफेसर बिन्दु शर्मा समन्वयक, महिला अध्ययन केन्द्र ने कहा कि महिला अध्ययन केन्द्र का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मनीषा अहलावत (सदस्य, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश), विशिष्ट अतिथि रेखा त्यागी (पूर्व सदस्य, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश), नम्रता सिंह (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ) एवं डाक्टर प्रेरणा गर्ग (सलाहकार, न्यूटिमा हॉस्पिटल, मेरठ) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर बिन्दु शर्मा एवं डाक्टर विवेक कुमार द्वारा किया गया।