HomeCRIME NEWSभांजे का झगड़ा सुलझाने गए मामा की चाकू मारकर हत्या

भांजे का झगड़ा सुलझाने गए मामा की चाकू मारकर हत्या

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– वार्ड बॉय ने चाकू से गले पर किया हमला, अस्पताल के बाहर हुई वारदात।

गोंडा। खाद विक्रेता की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। वह अपने भांजे के झगड़े को सुलझाने गया था। इसी झगड़े में भांजे के साथ काम करने वाले एक वार्ड बॉय ने चाकू से उसके गले पर हमला कर दिया, चाकू लगते ही वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। वहीं आरोपी वार्ड बॉय मौका पाकर वहां से भाग गया। वहां मौजूद लोग घायल को अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के भांजे ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और मामले की कार्रवाई में जुट गई।

 

 

भांजे की तहरीर पर पांच नामजद समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के बग्गी रोड पर बने न्यू मेडी लाइफ अस्पताल रात 11 बजे का है।

धानेपुर थाना क्षेत्र के बेलहारी गांव के रहने वाले आनंद पांडेय (40) खाद की दुकान चलाते थे। इनका भांजा सत्यप्रकाश शुक्ला (25) न्यू मेडी लाइफ अस्पताल में वार्ड बॉय का काम करता है। सत्यप्रकाश के साथ ही एक और लड़का अनुपम शुक्ला (26) भी उसी अस्पताल में वार्ड बॉय का काम करता है।

रविवार रात को सत्यप्रकाश शुक्ला ड्यूटी पर अस्पताल गया। उसने जब रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि अनुपम ने अपना स्टोर लाइजेशन का काम नहीं किया था। इसी बात को लेकर सत्यप्रकाश ने अस्पताल के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज किया। इसके बाद अनुपम और सत्यप्रकाश के बीच पहले तो ग्रुप में ही झगड़ा और गाली-गलौज हुई।

दोनों ने के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने अपने-अपने परिजनों और रिश्तेदारों को अस्पताल पर बुला लिया। आनंद पांडेय भी अपने भांजे सत्यप्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचे थे। पहले तो दोनों पक्षों के झगड़े को शांत कराने का कोशिश की। लेकिन झगड़ा बढ़ता ही गया और मारपीट शुरू हो गई।

इसी मारपीट में सत्यप्रकाश की मां के माथे पर चोट लग गई। यह देख आनंद और सत्यप्रकाश भी गुस्से में मारपीट करने लगे। इसी बीच अनुपम ने अस्पताल से एक चाकू लेकर आया और आनंद की गर्दन पर हमला कर दिया।

अस्पताल संचालक अनिल ओझा ने बताया कि सत्य प्रकाश शुक्ला और अनुपम शुक्ला के बीच स्टेरलाइजेशन को लेकर रविवार को विवाद हो गया था। काफी समझाने के बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे, लेकिन देर रात वे फिर अस्पताल के बाहर आकर विवाद करने लगे। घटना के समय मैं खाना खाने गया था। जब वापस लौटा तो वहां झगड़ा हो रहा था। मैंने लाठी-डंडे छीनकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।

इसके बाद मैं अपने ओपीडी चेंबर में चला गया। कुछ देर बाद देखा कि एक व्यक्ति अस्पताल के पास घायल पड़ा हुआ है। मैंने तुरंत स्टाफ से उसकी पल्स चेक करने को कहा, लेकिन उन्होंने बताया कि पल्स नहीं मिल रही है। इसके बाद मैंने उसे रेफर कर दिया और पुलिस को भी सूचना दी। इस घटना में मेरा कोई रोल नहीं है और मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
सत्यप्रकाश शुक्ला की मां पिंकी शुक्ला ने बताया कि मेरा बेटे सत्य प्रकाश और अनूप की कहासुनी हो गई थी। मेरे भाई आनंद पांडेय उसे बचाने गए थे, लेकिन उसी में उन्हें चाकू मार दिया गया। जब मैं बचाने गई तो मुझे भी लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया।

मेरे भाई को चाकू लगने के बाद वह सीढ़ी चढ़कर अस्पताल पहुंचे और इलाज व पट्टी की मांग की, लेकिन डॉक्टर अनिल ओझा ने इलाज करने से मना कर दिया था।धानेपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

धानेपुर थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनुपम शुक्ला, अस्पताल संचालक अनिल ओझा समेत पांच नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले को लेकर जांच की जा रही है।

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