spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Monday, January 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeEducation Newsसीसीएसयू में छात्राओं को दिया फाईल फोल्डर बनाने का प्रशिक्षण

सीसीएसयू में छात्राओं को दिया फाईल फोल्डर बनाने का प्रशिक्षण

-

  • वर्तमान समय की मांग है सुंदर फाइल फोल्डर।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में चल रही 20 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला के अंतर्गत आज प्रतिभागियों ने सुंदर-सुंदर और आकर्षक फाइल फोल्डर बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रोफेसर अलका तिवारी समन्वयक, ललित कला विभाग ने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी ,उत्तर प्रदेश संस्कृत प्रभार उत्तर प्रदेश और ललित कला विभाग के संयुक्त तथा धार्मिक आयोजित की जा रही 20 दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत आज कल प्रशिक्षक स्वतंत्र चित्रकार दीपांजलि द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की सामग्री से फाइल फोल्डर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही फाइल को चित्रकारी के द्वारा किस प्रकार सुंदर आकर्षक और अधिक मूल्यवान बनाया जा सकता है का प्रशिक्षण दिया गया।

कला प्रशिक्षक दीपांजलि ने बताया कि फाइल फोल्डर एक प्रकार का फोल्डर है जो कागजों को सुरक्षित रखने के काम आता है। फाइल फोल्डर प्लास्टिक, कागज या कपड़े से बनाए जा सकते हैं शैक्षिक अभिलेख, चिकित्सीय तथा जमीन जायदाद संबंधी कागजात को सुरक्षित रखने के लिए इन फाइल फोल्डर का प्रयोग प्राय: किया जाता है।

इन पर कल विद्यार्थियों द्वारा की गई चित्रकारी इन्हें और आकर्षक बना देती है कार्यशाला में विद्यार्थियों ने फाइल फोल्डर बनाकर उन पर मोर, वरली पेंटिंग, मधुबनी चित्रकारी, फूल पत्ती, राधा कृष्ण, तथा आलेखन ,अलंकरण आदि बनाकर उनको और उपयोगी बनाया। प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया कि कला विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में इस प्रकार के कला प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है युवा अपने पोर्टफोलियो के लिए भी सुंदर फाइल फोल्डर का प्रयोग करते हैं।

कला विद्यार्थी इनकी अच्छी कीमत प्राप्त कर सकते हैं। 20 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला में विभिन्न कला प्रशिक्षको द्वारा भारतीय पारंपरिक कला केतिरिक्त व्यावसायिक कला तथा बेस्ट आउट आॅफ वेस्ट पर आधारित कलाकृतियां का भी निर्माण किया गया।

डॉक्टर पूर्णिमा वशिष्ठ की दिशा निर्देशन में रीसाइक्लिंग के अंतर्गत पुरानी बची कुची वस्तुओं को कला हुनर के माध्यम से पुन: प्रयोग के लायक बनाया गया। कार्यशाला के आयोजन में डॉक्टर शालिनी धाम डॉक्टर पूर्णिमा वशिष्ठ,डा ऋषिका पांडे, विष्णु का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों व महाविद्यालयों के कल प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts