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Monday, January 12, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutमेरठ: विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष के सामने उठा बिजली कटौती का मुद्दा

मेरठ: विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष के सामने उठा बिजली कटौती का मुद्दा

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शारदा रिपोर्टर मेरठ। उत्तर प्रदेश नियामक आयोग की ओर से आज पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत मेरठ जनपद में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के निस्तारण का भरोसा भी दिलाया।

अधिकांश समस्याएं बिजली की दरों और बिजली कटौती से जुड़ी रही। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में जनसुनवाई की शुरूआत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन ने डिस्कॉम की वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए की। उन्होंने 2025-26 के लिए तैयार की गई कार्य योजना को भी साझा किया। डिस्काउंट के अधिकारियों ने अध्यक्ष के समक्ष बिजली की दरों में प्रस्तावित वृद्धि की संभावनाओं को भी साझा किया। टैरिफ के अनुसार, घरेलू बिजली की दरों के साथ ही व्यावसायिक बिजली की दरों में भी वृद्धि का प्रस्ताव रखा।

उपभोक्ताओं की तरफ से अवधेश कुमार वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने बिजली की दरों में वृद्धि का स्पष्ट विरोध जताया। उन्होंने कहा कि एक घर में कमाने वाले व्यक्ति की आई या तो बहुत कम है या फिर उसमें वृद्धि नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में उसे पर बिजली दरों का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने निजीकरण का भी विरोध किया।

विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपनी शिकायत लेकर नोएडा व आसपास के जनपदों से भी लोग पहुंचे। इस दौरान मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों में सिंगल फेस, डबल फेस की व्यवस्था, बिजली की दरों में भिन्नता, लगातार हो रही बिजली कटौती, बिजली बिलों की गड़बड़ी आदि की शिकायतें सामने आई।
अध्यक्ष ने सभी शिकायतों को विस्तार से सुना और उनको नोट कराते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारण का भरोसा दिलाया।

 

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