गन्ने के खेत में शव से एक मीटर दूर सिसकती मिली डेढ़ साल की मासूम, अस्पताल में भर्ती
बिजनौर। नूरपुर थाना क्षेत्र में महिला की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव खेत में ले जाकर जला दिया। शव के पास डेढ़ साल की मासूम पड़ी सिसक रही थी। बच्ची को भी हल्की चोटें आई हैं। सुबह टहलने गए ग्रामीण की नजर बच्ची पर पड़ी तो उसे गोद में उठा लिया। महिलाओं ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार महिला की गला दबाकर हत्या की गई है क्योंकि जुबान दातों से दबी हुई है। इसके बाद उसे जंगल में लाकर जला दिया गया। घटना नूरपुर थानाक्षेत्र के आलमपुर एडवा गांव की है। जहां बुधवार सुबह करीब 7 बजे महिला का जला हुआ शव बरामद किया गया।
रामगंगा पोषक नहर से रोशनपुर गांव जाने वाले रास्ते पर गोहावर जैत निवासी ध्यानपाल सिंह के खेत में महिला का आधजला शव पड़ा हुआ था। सुबह करीब 7 बजे घूमने निकले ध्यानपाल ने ही सबसे पहले शव देखा। जिसकी सूचना उन्होंने गांव के लोगों को दी। सूचना फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
महिला का शव करीब 40 प्रतिशत तक जला हुआ था और उसके पास ही करीब डेढ़ साल की बच्ची पड़ी सिसक रही थी। महिला का पेट और पैरों का हिस्सा झुलसा हुआ था। चेहरे पर कोई निशान नहीं था। महिला ने पैरों में बिछुआ पहने थे जिससे लगता है कि वह शादी शुदा थी।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही नूरपुर थानाध्यक्ष प्रवेज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को तुरंत अस्पताल भेजा। पुलिस ने मृतक महिला की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। चांदपुर के सीओ देशदीपक सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पुलिस को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए।
थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला की उम्र लगभग 25 से 26 साल है। शुरूआती जांच में लग रहा है कि गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। हत्या कहीं और करके शव को यहां लाकर जलाने की कोशिश की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और महिला की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं।
ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा है कि हत्यारों ने महिला की हत्या तो कर दी, लेकिन बच्ची को जिंदा क्यों छोड़ दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने शव देखा तो बच्ची रो रही थी, जिसे वहां पहुंची महिलाओं ने गोद में लेकर चुप कराया। ग्रामीणों का मानना है कि बच्ची को जिंदा छोड़ने से लगता है कि हत्यारों का बच्ची से कोई करीबी रिश्ता हो सकता है।
थानाध्यक्ष प्रवेज कुमार के बताया शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की कई पहलुओं से जांच की जा रही है।