शारदा रिपोर्टर मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय परिसर के स्पोर्ट्स ग्राउंड स्थित स्पोर्ट्स रूम से तीरंदाजी खिलाड़ियों के लाखों रुपये के उपकरण चोरी हो गए। शुक्रवार देर रात हुई इस वारदात की जानकारी शनिवार सुबह मिलने पर खिलाड़ियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए।
जानकारी के मुताबिक, चोरों ने स्पोर्ट्स रूम में रखे लॉकर को तोड़कर करीब आठ लाख रुपये मूल्य के तीरंदाजी उपकरण चुरा लिए। चोरी हुए सामान में अत्याधुनिक कंपाउंड बो, रिकर्व बो, महंगी साइट्स, बो बैग और दर्जनों तीर शामिल हैं। खिलाड़ी अपने नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए इन उपकरणों को विश्वविद्यालय परिसर में ही सुरक्षित समझकर रखते थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की कमी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
खिलाड़ियों का आरोप है कि स्पोर्ट्स रूम में न तो सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था है और न ही किसी चौकीदार की नियमित तैनाती। इससे पहले भी इसी स्थान से कुछ उपकरण गायब होने की बात सामने आई थी, लेकिन उस समय भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि अब चोरों के हौसले और बुलंद हो गए।
इस चोरी में मेरठ कॉलेज के बीए तृतीय वर्ष के छात्र रिज़वान का कंपाउंड बो और बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र आर्यन का रिकर्व बो शामिल है। दोनों खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर रहे थे और आने वाली प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे थे। खिलाड़ियों का कहना है कि तीरंदाजी जैसे महंगे खेल में उपकरण जुटाना आसान नहीं होता और इस घटना से उनका मनोबल गहरा आहत हुआ है।
मामले पर विश्वविद्यालय के खेल अधिकारी गुलाब सिंह रुहाल ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन इस घटना से सबक लेकर खेल संसाधनों की सुरक्षा मजबूत करेगा, या खिलाड़ियों को आगे भी इसी तरह असुरक्षित माहौल में अभ्यास करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा।


