– माता-पिता ने माला पहनाई, एस्ट्रोनॉट ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
लखनऊ। अंतरिक्ष से लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला पहली बार लखनऊ में अपने घर पहुंचे हैं। पत्नी कामना और 6 साल का बेटा किआंश भी साथ है। शुक्रवार सुबह माता-पिता ने माला पहनाकर शुभांशु का स्वागत किया। गले लगाया। शुभांशु ने माता-पिता का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। परिवार के सदस्यों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। बहन पीठ थपथपाते हुए उन्हें घर के अंदर ले गई। शुभांशु की मां आशा देवी ने बेटे की पसंदीदा डिश मूंगदाल का हलवा और कई अन्य पकवान बनाए हैं। उन्होंने कहा- यह पल हमारे लिए बहुत खास है।
शुभांशु 4 दिन पहले यानी 25 अगस्त को लखनऊ पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते घर नहीं जा पाए थे। उन्हें राज्य अतिथि (स्टेट गेस्ट) बनाकर उन्हें नैमिषारण्य गेस्ट ठहराया गया था।
शुभांशु के घर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। फूलों से रंगोली बनाई गई। शुभांशु के पड़ोसी आशीष ने कहा, ह्लयही वह पल था, जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। वह लखनऊ आए थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे थे। आज जब घर आए तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
वहीं, पड़ोस की राखी ने कहा कि भैया को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम लोग उनका काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही आंटी ने खबर दी कि वह घर आ गए हैं, हम लोग तुरंत मिलने पहुंच गए।


