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Saturday, January 10, 2026
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शंकर महादेवन के सुरों ने लोगों का दिल जीत लिया

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  • मेरठ महोत्सव का शानदार समापन, आखिरी दिन हजारों दर्शक आए।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। मेरठ महोत्सव के आखिरी दिन शंकर महादेवन के खूबसूरत सुरों के साथ पांच दिन तक चलने वाला महोत्सव संपन्न हो गया। आखिरी दिन हजारों की संख्या में लोग उमड़े। शंकर महादेवन ने सुरों से लोगों का दिल जीत लिया। शंकर महादेवन ने शिव स्त्रोत के दिव्य गायन से लेकर युवाओं के हृदय को स्पंदित करने वाले अपनी नई फिल्मों के गाने सुनाकर सबको सम्मोहित कर लिया। शास्त्रीय संगीत की जादुई सरगमों को छेड़ने के साथ ही तबले और अन्य वाद्य यंत्रों की बारीकियां भी बताईं। वेस्टर्न म्यूजिक की भी यात्रा कराई।

26 साल पुरानी रचना ब्रीधलेस को और तेज ताल पर गाकर संगीत प्रेमियों को हैरान कर दिया। वहीं, तबले की थाप से दुनियाभर के उस्ताद कहलाए दिवंगत जाकिर हुसैन को भी याद किया। शंकर महादेवन मंच पर पहुंचे तो साफ हो गया कि यह साधक भारतीय संगीत और उसकी आत्मा को विनम्रता से निभाएगा। माय डार्लिंग फ्राम मेरठ… जैसे ही कहा, सीटियां बज उठीं। श्रोताओं का मन भांपते हुए शंकर महादेवन ने ‘लेट्स आ पार्टी टुनाइट’ गाया तो परिसर रोमांचक हो उठा। संवाद किया कि देखते हैं कि बीट से पहचान पाते हैं कि नहीं… संगीत बजा, सभी ने आवाज लगाई।

मंच से महादेवन बोले, बेस्ट ओडिएंस। शिव तांडव स्तोत्रम को स्वर देकर परिसर को ऊर्जित कर दिया। ऊं नम: शिवाय गाकर श्रोताओं को शिवत्व से जोड़ा। लक्ष्य फिल्म से हां यही सपना है तेरा पाएगा जो लक्ष्य है। बांसुरी वादक सचिन के साथ घा पानी का तारतम्य ऐसा बैठाया कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। आज की रात खोना है क्या पाना है गाते हुए बोले कितने लोगों को ब्रेदलेस चाहिए। तेरा’, दिल चाहता है फिल्म से गाना ‘दिल चाहता है’ गाने पर सभी झूम उठे। बुमरो आए हो किस बगिया से, उड़ उड़ पंछी दुनिया पर बैठे.. सभी को जुगलबंदी का आह्वान किया। वीआइपी से भी बोले मेरे साथ गाएं।

क्या बात है समझ में आ गया कि मेरठ इतना सुरीला क्यों है। ‘सजदा करू मैं तेरा सजदा मैंने अभी अभी जिसे देखा है कौन है वो अनजानी… सुनाते हुए बोले यहां बड़ा मजा आ रहा है। बोले ढोल बजा और मेरठ झूम उठा। इसके उन्होंने किक स्टिक से ताल मिलाई। फिर वही संवाद शैली बोले, गाड़ी का गियर बदलना पड़ेगा।… अनविलेयबल मेरठ…। कल हो न, हो गाते हुए जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि दी।

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