– ऑडिट के लिए मांगे थे तीन लाख रुपए।
मुरादाबाद। विजिलेंस की टीम ने मुरादाबाद में सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत के सीनियर लेखा परीक्षक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी अनिरुद्ध द्विवेदी ऑडिटर संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी है। उसने यह रकम ग्राम पंचायतों की आॅडिट रिपोर्ट को दुरुस्त करने के नाम पर मांगी थी।

विजिलेंस की बरेली यूनिट की ओर से ये कार्रवाई की गई। एसपी विजिलेंस अरविंद कुमार के अनुसार मुरादाबाद के मूंढापांडे ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने 12 जनवरी को विजिलेंस आॅफिस पहुंचकर एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके कार्य क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतों दुपैड़ा, रनियाठेर, जगरामपुरा,लालपुर तीतरी, बीनावाला, हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का आॅडिट करने के लिए तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। यह रकम सीनियर लेखा परीक्षक अनिरुद्ध द्विवेदी द्वारा मांगी जा रही है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि जब उन्होंने यह कहा कि वो इतनी बड़ी रकम एक साथ नहीं दे सकते तो अनिरुद्ध द्विवेदी ने आॅफर किया कि, ठीक है आप यह रकम टुकड़ों में दे देना। लेकिन पहली किश्त के रूप में आपको 50 हजार रुपए देने होंगे।
प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ेकी बरेली यूनिट ने अनिरुद्ध द्विवेदी को ट्रैप करने के लिए टीम गठित की। टीम ने शिकायतकर्ता से अनिरुद्ध को कॉल कराया तो उन्होंने कहा कि रामगंगा विहार में मेरे निवास पर आ जाओ। ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार जैसे ही 50 हजार रुपए लेकर रामगंगा विहार में सीनियर लेखा परीक्षक के आॅफिस पहुंचे और रकम उन्हें दी, ठीक उसी वक्त आसपास मौजूद विजिलेंस टीम ने अनिरुद्ध द्विवेदी को रंगे हाथों दबोच लिया।
सीनियर लेखा परीक्षक को गिरफ्तार करके टीम अपने साथ बरेली ली गई। जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

