- सेंट्रल मार्केट में सीलिंग: व्यापारियों ने की सड़क जाम, जमकर नारेबाजी।
- अस्पताल-स्कूल पर ताले देख छलके आंसू, व्यापारी बेहोश होकर सड़क पर गिरा,
- पुलिस-प्रशासन से तीखी नोंकझोंक, भाजपा पर लगे आरोप।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई हुई। अस्पताल, स्कूल और दुकानों पर ताले लगने से व्यापारी भावुक हो गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 44 अनाधिकृत निमार्णों को सील करने की कार्रवाई शुरू की।
सेंट्रल मार्केट में सीलिंग: व्यापारियों ने की जमकर नारेबाजी, महिलाओं ने भाजपा प्रतिनिधियों को कोसा
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सीलिंग की जद में छह अस्पताल, छह स्कूल और चार बैंक्वेट हॉल भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर ताले लगते देख व्यापारियों और संचालकों की आंखें नम हो गईं। कई जगह परिवार के सदस्य और कर्मचारी भावुक होकर रोते दिखाई दिए।

आवास विकास परिषद की टीम ने सुधा अस्पताल और सेनफोर्ड अस्पताल में सीलिंग की कार्रवाई की। विभाग की ओर से पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद टीम अमेरिकन किड्ज स्कूल में सील लगाने पहुंची, जहां स्कूल संचालकों ने टीम का तालियां बजाकर स्वागत किया। हालांकि इस दौरान कई शिक्षाविद और संचालक भावुक नजर आए। वहीं हैप्पी आॅवर स्कूल में भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्कूल स्टाफ पोस्टर लेकर खड़ा रहा और संचालक भावुक हो गए। कई अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि अब उनके बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा और वे उन्हें कहां पढ़ाएंगे।
व्यापारियों का सड़क जाम और नारेबाजी: सीलिंग कार्रवाई के विरोध में सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया और मुख्य सड़क पर धरना देकर प्रदर्शन किया। कई व्यापारी जमीन पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने कार्रवाई कर रही टीम के सामने ‘वापस जाओ ‘और पीएम मोदी व भाजपा विरोधी नारे लगाए। इस दौरान मौके पर मौजूद सीओ अभिषेक तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।
दुकानों की तलाशी के बाद लगाई जा रही सील: आवास विकास परिषद के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ बाजार में एक-एक दुकान की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद अवैध पाए गए निमार्णों को सील किया जा रहा है। सीलिंग के दौरान कई दुकानदारों के परिवार वाले प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर आंसू बहाते दिखाई दिए। वहीं कुछ व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर मजदूर लगाकर दीवारें खड़ी करवाने में जुटे रहे।
व्यापारी नेता भी पहुंचे, किसी की एक न चली: मौके पर संयुक्त व्यापार संघ के नवीन गुप्ता समेत कई व्यापारी नेता पहुंचे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के सामने व्यापारी खुद को असहाय महसूस करते नजर आए।
बाजार में भारी पुलिस बल तैनात: किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बाजार में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारी को हार्ट अटैक आया: विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यापारी को हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक, अशोक गिरधर की 663/6 में कपड़े की दुकान थी। इन्होंने पहले ही अपनी दुकान को तुड़वा दी थी। इसके बाद जब आज सील लगाने टीम पहुंची तो गिरधर बेहोश हो गए।
व्यापारी खुद की तोड़ रहे अपनी दुकानें: सीलिंग की कार्रवाई शुरू होने के बाद कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों को खुद ही तोड़ रहे हैं। परिषद की टीम ने सेंट्रल मार्केट में कई दुकानों को सील कर दिया है। इनमें हॉस्पिटल, होटल और स्कूल भी शामिल हैं। शकुंतला गर्ग की बिल्डिंग पर भी परिषद ने अपना बोर्ड लगा दिया है।
सरकार की लापरवाही का खामियाजा व्यापारी भुगत रहे: सीलिंग की कार्रवाई के बीच समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान मार्केट पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार के जिन जनप्रतिनिधियों को जनता ने चुन कर भेजा है। उनका यह फर्ज है कि वह यहां आएं और व्यापारियों के दुख में शामिल हों। सरकार यदि समय रहते इस
प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए कार्य करती तो आज व्यापारियों की खून पसीने की कमाई से बने प्रतिष्ठान सील नहीं होते। कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में सरकार ने अपने कुछ लोगों को फायदा देने के लिए जमीन का लैंड यूज 5 से 6 बार चेंज किया है। उसी प्रकार अगर मेरठ में भी उपयोग को बदल दिया जाए तो इन व्यापारियों के प्रतिष्ठान बच सकते हैं।
पुलिस के सामने व्यापारियों ने हाथ जोड़े, बोले- बिजली न काटें: सीलिंग की कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठानों की बिजली काटी जा रही है। दुकानों के ऊपर मकान भी बने हैं। जिसमें व्यापारी परिवार समेत रहते हैं। घरों की भी बिजली काटी जा रही है। व्यापारियों ने टीम से बिजली न काटने की गुहार लगाई। एसपी सिटी आयुष विक्रम के सामने व्यापारियों ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने कहा कि बिजली काट दी तो हमारे बच्चे कैसे रहेंगे। हम कहां जाएंगे।
राजनीति की तो जेल भेज दूंगा: सेंट्रल मार्केट में कारोबारियों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मौके पर समाजवादी पार्टी के नेता जीतू नागपाल भी पहुंचे। उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। यह सुनकर एडीएम सिटी भड़क गए। बोले- राजनीति अपने घर जाकर करना। यहां बात करनी है तो व्यापारियों की करो। राजनीति करोगे तो जेल भेज दूंगा। सपा नेता ने कहा कि हम भी व्यापारी हैं और व्यापारी हित की ही बात करने आए हैं।
जिन्हें पैसा चाहिए वह लिखकर दें: कारोबारियों के हंगामा की सूचना पर मौके पर एडीएम सिटी बृजेश सिंह पहुंचे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा जो पैसे का हिसाब मांगा जा रहा है, वो पैसा आवास विकास को भू उपयोग में दिया गया था। जिसे पैसा चाहिए वो लिख कर दे। उसके बाद आवासीय में कॉमर्शियल का पूरा मुद्दा खत्म हो जाएगा। फिर अपने हिसाब से कार्य कराया जाएगा। आप लोग कार्रवाई करने दें। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है।
सरकार ने हमारे साथ चीटिंग की है
एडवोकेट अंजनेय सिंह ने बताया कि सरकार ने हमारे साथ चीटिंग की है। सरकार ने हमसे 70 करोड़ रुपए लेकर धोखाधड़ी की है। सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया। सरकार ने कोर्ट में यह नहीं बताया कि हमने कारोबारियों से 70 करोड़ रुपए लिए हैं। सरकार ने हम कारोबारियों से रुपए लेकर हमें और मार दिया है। अगर इन्हें सील करना तो हमसे पैसे क्यों लिए। हमारा पूरा पैसा वापस किया जाए।
कार्रवाई करनी थी तो शमन शुल्क क्यों लिया
सेंट्रल मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई को लेकर कारोबारियों में आक्रोश है। कारोबारियों ने मोदी के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर सीलिंग करनी थी तो शमन शुल्क क्यों जमा कराया गया। हमें अब अपना पैसा वापस चाहिए। आवास विकास के अधिकारियों से इस बात का जवाब चाहिए।
डॉक्टर के क्लिनिक से लौटी टीम
वहीं डॉक्टर अशोक गर्ग के क्लीनिक को फिलहाल सील नहीं किया गया है। उन्होंने चिकित्सा उपकरण हटाने के लिए दो घंटे का समय मांगा है, जिसके बाद टीम अन्य स्थानों पर कार्रवाई के लिए चली गई। आवास विकास परिषद ने सीलिंग की कार्रवाई के लिए सात टीमों का गठन किया है, जो पुलिस बल के साथ अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर रही हैं।
महिलाएं भी पहुंची, जताया कार्रवाई का विरोध
कार्रवाई के बीच कई व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के शटर उखाड़ते और अवैध हिस्सों को खुद ही तोड़ते नजर आए। व्यापारियों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई से बचने के लिए यही एकमात्र रास्ता बचा है। मौके पर व्यापारियों के परिवारों की महिलाएं भी भावुक नजर आईं और कई स्थानों पर लोग कार्रवाई को बेबसी से देखते रहे।
दुकानों पर ताले लगते देखकर बिलख पड़े व्यापारियों के परिवार
498/3 परिसर में पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाली महिला सीलिंग की कार्रवाई देखते ही बिलख कर रोने लगी। सभी व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद ये दुकानें ली थी, लेकिन आज अब सीलिंग के बाद सब खत्म होता दिखाई दे रहा है।

