– जामा मस्जिद से सटा है कब्रिस्तान, कब्जा करके दुकान-मकान बनाए।
संभल। जामा मस्जिद के बगल में बने कब्रिस्तान की नपाई शुरू हो गई है। आरोप है कि कब्रिस्तान के हिस्से पर अवैध कब्जा कर 22 दुकान-मकान बनाए गए। यहीं से संभल हिंसा में पत्थर फेंके गए।
चार कानूनगो और 22 लेखपाल नपाई करने में जुटे हैं। इसे देखते हुए इलाके को छावनी में बदल दिया गया है। अरढ कुलदीप सिंह ने बताया- ढअउ, फअऋ और पुलिस के 500 जवान तैनात हैं।ड्रोन से निगरानी की जा रही है। छकव समेत सभी खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। सत्यव्रत चौकी के कंट्रोल रूम से भी नजर रखी जा रही है।

तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पैमाइश में एक से डेढ़ घंटे लगेंगे। इसके बाद लोगों को नोटिस दिया जाएगा। अगर संतोषजनक जवाब नहीं देंगे तो हटाने की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग में 4000 वर्ग मीटर (1.59 बीघा) जमीन कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। इसके एक हिस्से पर कब्जा है। जिन्होंने ऐसा किया है, उनसे कागजात मांगे गए हैं। अगर सही नहीं पाए गए तो बुलडोजर एक्शन की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक और वकील सुभाष त्यागी ने 12 दिसंबर को ऊट से इसकी शिकायत की। कहा था- 1980 के दशक में जमीन खाली थी और टीले के रूप में थी, लेकिन 20 से 25 सालों में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
अब मकान और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 24 नवंबर, 2024 को संभल में हरिहर मंदिर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में भीड़ ने इन्हीं मकानों की छतों से पत्थर फेंके और फायरिंग की। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गैरकानूनी निमार्णों को हटाना जरूरी है।

