– सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे पुलिस आफिस, सौंपा ज्ञापन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र में स्थित एक आवासीय सोसायटी को लेकर पूर्व सैनिकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कई पूर्व सैन्य कर्मचारी मेरठ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि उनकी सोसायटी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है, विरोध करने पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं और लगातार मारपीट व जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
परतापुर क्षेत्र के शताब्दी नगर में रहने वाले पूर्व सैनिक और उनके परिवार लंबे समय से भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। आरोप है कि दबंग किस्म के लोग जिनमे मनीष दीगरा भी शामिल है, जबरन सोसायटी परिसर में घुस आते हैं और विरोध करने पर महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की व अभद्रता तक की जा रही है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि कई बार परतापुर थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
पूर्व सैन्य कर्मचारियों ने एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी शिकायतों के आधार पर उन्हें और उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है। इससे न केवल उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे पूर्व सैनिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जे हटवाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश देने और पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल मामला परतापुर थाना क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
इस दौरान, लेफ्टिनेंट कमांडर अशोक भाटर (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट कर्नल एस. एस. रावत (सेवानिवृत्त) ग्रुप कैप्टन अनिल प्रताप (सेवानिवृत्त) कर्नल वीरेन्द्र कुमार (सेवानिवृत्त) आर्मी आॅफिसर राकेश कुमार (सेवानिवृत्त) ग्रुप कैप्टन अजय प्रताप (सेवानिवृत्त) आॅनरेरी कैप्टन एस. के. तोमर (सेवानिवृत्त) आॅनरेरी सूबेदार मेजर आर. डी. शर्मा (सेवानिवृत्त) आॅनरेरी नायब सूबेदार एस. एन. उपाध्याय (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार और सचिन गुप्ता मौजूद रहे।


