– कश्यप समाज, निषाद पार्टी के कार्यकर्ता जुटे, मुआवजे के साथ हत्यारों को फांसी की मांग।
Meerut: सोनू कश्यप हत्याकांड पर उबाल, मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन, भारी पुलिस बल तैनात
Video News Meerut || SHARDA EXPRESS
शारदा रिपोर्टर मेरठ। ज्वालागढ़ के चर्चित सोनू हत्याकांड को लेकर आज बड़ा प्रदर्शन हो रहा है। सुबह से ही कमिश्नरी पार्क और उसके आसपास पुलिस, PAC की दो कंपनियां तैनात हैं। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की, लेकिन सोनू कश्यप को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कश्यप बिरादरी के लोग नहीं रुके। कमिश्नरी पार्क पर कब्जा जमाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कमिश्नरी पर निषाद पार्टी के कार्यकर्ता और कश्यप समाज के लोग भी एकजुट हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। कमिश्नरी पार्क के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई। कमिश्नरी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।

सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में हुए सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर कश्यप समाज में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर शुक्रवार को कश्यप समाज द्वारा मेरठ कमिश्नरी पर महापंचायत का आयोजन किया गया है। सरधना के ज्वालागढ में सोनू कश्यप की हत्या के विरोध में कश्यप समाज ने कमिश्नरी पर महापंचायत का आह्वान किया। इस बात की सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस और आरएएफ को एहतियात के तौर पर कमिश्नरी चौराहे पर तैनात कर दिया गया। इस दौरान गाड़ियों में भरकर कुछ लोग कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया और सिविल लाइंस थाने ले गई। जिसके बाद कमिश्नरी चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। ताकि समय रहते किसी भी परिस्थितियों से निपटा जा सके।
छावनी में तब्दील हुआ मेरठ कमिश्नरी चौराहा

बता दें कि, मेरठ के सरधना स्थित ज्वालागढ में सोनू की मौत होने के बाद एकत्र हुए लोगों ने हंगामा किया था। साथ ही पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की गई थी। ज्वालागढ़ गांव में हंगामा करने पर रिश्तेदारों और राजनीतिक दलों के लोगों समेत करीब 60 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन लोगों पर निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी एकत्र होकर हंगामा करने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की समेत कई आरोप लगाए गए हैं।

सरधना थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार उप निरीक्षक नितिन सारस्वत ने बताया कि, सूचना मिली थी कि ज्वालागढ़ गांव में मदनमती पत्नी सोमपाल सिंह के घर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो रिश्तेदार इंद्रपाल पुत्र जगमत, उसके बेटे अंकित और गुड्डू सहित करीब 50 से 60 अज्ञात लोग मदनमती के घर पर एकत्र होकर भाषण बाजी और शोर-शराबा कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि मृतक सोनू उर्फ रोहित कश्यप जिला मुजफ्फरनगर के मोहल्ला किला हनुमान चौक का निवासी था। वहीं आरोपी इंद्रपाल के ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी में होने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भीड़ एकत्र होने पर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोगों ने पुलिस की बात नहीं मानी। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की और अभद्रता की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

उधर इस मामले में सरधना थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में जिले में धारा 163 लागू होने का उल्लेख किया गया है, जबकि एसडीएम उदित नारायण सेंगर द्वारा कपसाड़ और ज्वालागढ़ गांव में धारा 163 लागू करने के निर्देश बुधवार रात को ही जारी किए गए थे। ऐसे में 13 जनवरी की घटना के संदर्भ में निषेधाज्ञा का हवाला दिए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।



