– सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के माध्यम से हर गतिविधियों पर नजर, आठ हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ आगमन को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। पीएम के दौरे को लेकर ना केवल आसमान से लेकर जमीन तक सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा चक्रव्यूह रचा गया की परिंदा भी पर ना मार सके। बल्कि, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के माध्यम से हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी यानी कल रविवार को मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे वे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और वहां से मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे वे मेरठ में करीब 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित: प्रधानमंत्री 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें दिल्ली में सराय काले खान से न्यू अशोक नगर के बीच 5 किमी और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किमी का खंड शामिल है।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ नमो भारत देश की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। इसके जरिए साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से पहले के मुकाबले अधिक तेजी से जुड़ पाएंगे।
कॉरिडोर का शुरूआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह स्टेशन प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया गया है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड से सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करता है। अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम (मेरठ) में हैं।
प्रधानमंत्री मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति करीब 120 किमी प्रति घंटा होगी और यह पूरी दूरी को निर्धारित पड़ावों सहित लगभग 30 मिनट में तय करेगी। बता दें कि, नमो भारत और मेरठ मेट्रो का एकीकृत संचालन अंतर-शहरी तेज यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा।
इससे सड़क यातायात में भीड़ घटेगी और वाहनों से होने वाले कार्बन डाइआॅक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को आधुनिक, कुशल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के जरिए नई दिशा देंगी।


