नई दिल्ली: भारत (पीएफबीआर) से परमाणु महाशक्ति बनेगा। भारत ने कलपक्कम परमाणु रिएक्टर के जरिये ऐसी नाभिकीय ऊर्जा की ऐसी कुंजी हासिल की है, जो देश को न केवल आत्मनिर्भरता देगा, बल्कि वो दूसरे देशों का मददगार भी बनेगा। भारत ने सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के जरिये ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित PFBR रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी के उस स्टेज को छू लिया है। भारत अब परमाणु ऊर्जा मामले में ईंधन के लिए दूसरे देशों पर मोहताज नहीं रहेगा। भारत दुनिया की परमाणु महाशक्ति के तौर पर उभरेगा।

क्रिटिकैलिटी स्टेज से रिएक्टर अपनेआप संचालित परमाणु विखंडन के जरिये इतने न्यूट्रॉन पैदा करने लगता है कि किसी बाहरी दखल के बिना अपनेआप एटॉमिक रिएक्शन होती रहती है और नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन होने लगता है। पीएम मोदी ने भी इसे भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निर्णायक मोड़ बताया है।


