Homepolitics newsलोकसभा में विपक्ष का हंगामा, 'नरेंदर-सरेंडर' की नारेबाजी

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, ‘नरेंदर-सरेंडर’ की नारेबाजी

-

– आज शाह सदन को संबोधित करेंगे, विपक्ष का आरोप- बिरला सरकार के दबाव में हैं

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज का आज तीसरा दिन है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल में ही विपक्ष ने हंगामा शुरू किया। ‘नरेंदर-सरेंडर’ के नारे लगाए है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का भारत पर असर और गैस-पेट्रोल के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते सदन दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया है।

 

 

आज भी स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जानी है। इस पर चर्चा के लिए कल 10 घंटे का समय तय हुआ है, जिसमें मंगलवार को करीब 7 घंटे तक बहस हो चुकी है। आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित करेंगे।

मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सांसद ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। 50 से अधिक सांसदों के प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन में पेश करने और चर्चा की मंजूरी दी थी।

बहस की शुरूआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। विपक्ष ने कहा कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।

वहीं संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ओम बिरला पर लगे आरोप झूठे हैं। वे निष्पक्षता से सदन की कार्यवाही चलाते हैं। 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि हम बार-बार मांग कर रहे हैं कि हवाई किराए पर कुछ कंट्रोल होना चाहिए, लेकिन ज्यादातर सेक्टर्स, खासकर गल्फ सेक्टर्स में होता यह है कि कोई कंट्रोल नहीं है और यह पूरी तरह से एयरलाइन के अधिकार पर छोड़ दिया गया है।

माथेर ने कहा कि सरकार ज्यादातर समय यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेती है कि यह सप्लाई डिमांड बेसिस थ्योरी है। क्या उन्हें नहीं लगा कि देश में छढॠ का संकट होगा? क्या उनके दिमाग में यह नहीं आया कि होटल इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा, लेकिन इखढ और सत्ताधारी सरकार चुनावी राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गैस एजेंसियों को निर्देश भेजे गए हैं कि वे कमर्शियल कामों के लिए कोई एलपीजी सिलेंडर सप्लाई न करें। हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार भारत के लोगों से पूरी तरह झूठ बोल रही है।

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एलपीजी के दाम बढ़ा दिए गए हैं। एयरलाइन का किराया भी बढ़ रहा है। यह केंद्र सरकार की नाकामी है। उन्हें पहले ही एक्शन लेना चाहिए था। उन्हें सब्सिडी देनी चाहिए थी ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि हम सीसीई ज्ञानेश कुमार के खिलाफ टीएमसी के इंपीचमेंट मोशन के खिलाफ सपोर्ट के लिए सभी से साइन करवा रहे हैं। एक-दो दिन में यह कन्फर्म हो जाएगा कि हम इसे कब सबमिट करेंगे।

कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा कि देश में एलपीजी संकट बहुत गंभीर है। सरकार असली स्थिति नहीं बता रही है। कई होटल और दूसरे बिजनेस बंद हो गए हैं। स्थिति बहुत गंभीर है, लेकिन सरकार कह रही है कि चिंता की कोई बात नहीं है। वहीं, रेस्टोरेंट और होटल मालिक कह रहे हैं कि स्थिति गंभीर है। सरकार देश के लोगों को गुमराह कर रही है।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts