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लोकसभा में स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

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– 50 से ज्यादा विपक्षी सांसदों ने पक्ष में वोट किया, सदन शुरू होते ही पीएम मोदी के खिलाफ लगाए नारे।

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। 50 से ज्यादा सांसदों ने पक्ष में वोट किया। इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा चलेगी। इससे पूर्व सदन शुरू होते ही कांग्रेस सांसदों ने पीएम मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की।

 

 

विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। इस दौरान कांग्रेस ने स्पीकर की गैर-मौजूदगी में डिप्टी स्पीकर के नियुक्त ना करने पर सवाल उठाए। कहा कि चेयर पर बैठे पीठासीन जगदंबिका पाल कैसे इस दौरान कार्यवाही चला सकते हैं?

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नियमों का हवाला देते हुए पॉइंट आॅफ आॅर्डर उठाया और कहा कि जब स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही हो, तब स्पीकर को कार्यवाही की अध्यक्षता करने का अधिकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि अभी तक डिप्टी स्पीकर नियुक्त नहीं किया गया है और जो व्यक्ति चेयर पर बैठे हैं, वे भी स्पीकर की मंजूरी से ही आए हैं, इसलिए वे इस प्रस्ताव पर कार्यवाही नहीं चला सकते। उन्होंने मांग की कि बहस शुरू करने से पहले सदन की सहमति से तय किया जाए कि कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा।

निशिकांत दुबे ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार चेयर पर बैठा कोई भी व्यक्ति स्पीकर जैसी शक्तियां रखता है और वह कार्यवाही की अध्यक्षता कर सकता है। किरेन रिजिजू ने भी इस बात का समर्थन किया।

केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर डिप्टी स्पीकर नियुक्त न करने को लेकर हमला बोला और कहा कि बहस शुरू होने से पहले सदन की सहमति ली जानी चाहिए। इसके बाद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि चेयर पर बैठे व्यक्ति को कार्यवाही चलाने का पूरा अधिकार है।

आखिर में चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए उन्हें कार्यवाही चलाने का अधिकार है। कई सदस्यों ने पॉइंट आॅफ आॅर्डर उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा।

गौरव गोगोई ने कहा ने कहा, रेबिया केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो स्पीकर और उसकी चेयर पर बैठने वाला पक्षपात नहीं करेगा। चर्चा की शुरूआत में आर्टिकल 96 से हुई। इसमें लिखा है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान स्पीकर चेयर पर नहीं बैठ सकता। मैं पूछना चाहता हूं कि स्पीकर ने एक पैनल बनाया उसमें से कौन कौन चेयर पर बैठेगा, यह कैसे तय होगा। इसमें आपका नाम भी है कि आप स्पीकर की गैरमौजूदगी में स्पीकर की चेयर पर बैठेंगे यह किसने तय किया।

जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर के आॅफिस को यह पावर है कि वे तय कर सकते हैं कि चेयरपर्सन पैनल में कौन होगा। अमित शाह ने बीच में टोका और कहा कि सदन जब चुनाव में जाता है तब भी स्पीकर का आॅफिस चालू रहता है। यह पद खाली नहीं रहता है। गोगोई जो गलत मतलब निकाल रहे हैं मैं उसका खंडन करने के लिए खड़ा हुआ हूं। जगदंबिका पाल ने कहा कि अगर हाउस डिसॉल्व भी हो जाता है तब भी स्पीकर का आॅफिस चालू रहता है।

गौरव ने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता।

संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मयार्दा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मयार्दा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।
पीएम खुद कहते हैं कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। इसका दरवाजा हर तबके के सदस्य के लिए खुला है। यहां बाबा साहेब ने लोकसभा स्पीकर के दायरे के बारे में कहा है कि संवैधानिक नैतिकता की मांग है कि पक्षपात रहित होना चाहिए।

सरकार ने जगदंबिका पाल के चेयर पर होने का समर्थन किया

लोकसभा के चेयर पर मौजूद जगदंबिका पाल ने बताया कि 10 घंटे बहस के लिए तय किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री रिजिजू का कहना है कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाया जाए, तो चेयरपर्सन के पैनल के सदस्य जगदंबिका पाल लोकसभा की अध्यक्षता कर सकते हैं। यह बहस आर्टिकल 94 के तहत होगी, जिसमें स्पीकर को पद से हटाने की मांग की गई है। बहस के समय खास नियम हैं कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में हो, तब स्पीकर खुद सदन की अध्यक्षता नहीं करते। उस समय डिप्टी स्पीकर या कोई अन्य सदस्य सदन की कार्यवाही चलाता है।

कांग्रेस ने डिप्टी स्पीकर नियुक्त ना करने पर सवाल उठाए

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है कि सरकार ने पिछले कई सालों से डिप्टी स्पीकर को नियुक्त नहीं किया है, जिससे संवैधानिक वैक्यूम बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि सदन को एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करना चाहिए जो प्रस्ताव पर बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता करेगा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष की आपत्तियां बेबुनियाद हैं।

कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया

बिहार के किशनगंज से कांग्रेस के सांसद डॉक्टर मोहम्मद जावेद ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। मोहम्मद जावेद की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही कौन संभालेगा। सौगत राय, असदुद्दीन ओवैसी और वेणुगोपाल राय ने इस पर रूल्स आॅफ प्रोजिसर के नियम बताए।

ममता बनर्जी को समझना चाहिए कि ईसीआई संवैधानिक संस्था है

भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने कहा कि मुझे लगता है कि ममता बनर्जी को भारत के संविधान और डेमोक्रेटिक सिस्टम पर भरोसा नहीं है। मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए कि इलेक्शन कमीशन आॅफ इंडिया एक संवैधानिक संस्था है जिसके तहत यह काम हो रहा है। यह सिर्फ पश्चिम बंगाल में नहीं हो रहा है, यह 12 राज्यों में हो रहा है।

पीएम मोदी ने ईरान संग देश के रिश्ते खराब किए

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के साथ हमारे रिश्ते खराब कर दिए हैं। महंगाई की नई लहर दी है। वह जल्द ही लोगों से कहेंगे कि वे अपनी छत पर ‘सूरज की किरणों’ का इस्तेमाल करके ‘खिचड़ी’ पकाएं, क्योंकि देश में एलपीजी की कमी होने लगी है।

मेरी बात याद रखिए, पीएम मोदी संसद नहीं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाजार गिर रहा है, एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे।

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एनर्जी सिक्योरिटी सरकार की प्रायोरिटी है

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि विदेश मंत्री बार-बार भरोसा दिला रहे हैं। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्टर बार-बार भरोसा दिला रहे हैं कि देश की एनर्जी सिक्योरिटी सरकार के लिए सबसे बड़ी प्रायोरिटी है। मैं कर्नाटक के लोगों खासकर होटल मालिकों को भरोसा दिलाना चाहूंगा कि अभी प्रायोरिटी लोगों के घरेलू कंजम्प्शन को पूरा करने के साथ-साथ देश की जरूरतों का भी ध्यान रखना होगा।

भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर गंभीर असर पड़ रहा

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि हमने कल एक एडजर्नमेंट मोशन पेश किया था क्योंकि वेस्ट एशिया और ग्रेटर मिडिल ईस्ट में युद्ध का भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर गंभीर असर पड़ रहा है। सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं और बेंगलुरु, मुंबई और दूसरी जगहों पर कुकिंग गैस की कमी है। कल हम बस यही बात करना चाहते थे। युद्ध अभी शुरू हुआ है, और अगर यह लंबे समय तक चलता है, तो इसका भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर क्या असर पड़ेगा?

 

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