Saturday, March 29, 2025
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हनुमान जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु झूम उठे

शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महाजग वंदन


शारदा रिपोर्टर मेरठ। जाग्रति विहार एक्शटेंशन में चल रही हनुमत कथा का बुधवार को दूसरा दिन रहा। कथा सुनने के लिए एक लाख लोग पंडाल पहुंचे। कथा का शुभारंभ राम भजन से हुई। भजनों पर भक्ता जमकर झूमे। पूरा पंडाल भगवान श्रीराम और बागेश्वर धाम के जयकारों से गूंज उठा।

श्री हनुमंत कथा मेरठ | Live: श्री हनुमंत कथा Day-2 | #BageshwarDhamSarkar | SHARDAEXPRESS

 

 

धीरेन्द्र शास्त्री ने हनुमानजी की जन्म की कथा सुनाई तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। कहा कि भगवान तो एक हैं लेकिन दिखता सभी में है। जिन लोगों में भगवान नहीं है वो जिंदा नहीं है।
उन्होंने कहा कि भक्ति के बिना इंसान का शरीर शव है , लेकिन अगर भक्ति है तो शव भी शिव बन जाता है। कथा सुनना काफी नहीं है , जो कथा सुन कर अपने जीवन में उतरे वही सच्चा श्रोता है। सभी बालक और बालिका भारत का भविष्य है , ये जब अपने माता पिता के साथ आ कर कथा सुनेंगे, बात मानेंगे फिर किसी भी स्कूल में पढ़ते हो कोई भी मजहबी के चक्कर में आ कर अपना धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे ।

 

 

भारत के लोगों से मेरी प्रार्थना है की अगर अपने बच्चे को किसी मजहबी और प्लांटेड व्यक्ति के चंगुल से बचाना है तो अपने बच्चों को रामायण और श्रीमद्भगवद् की शिक्षा दो ताकि वो बब्बर हिंदू शेर बन पाए। हमारे हिंदुओं की सबसे बड़ी कमजोरी यहीं है की हमे सनातन के बारे में ज्ञान नहीं हैं दूसरे मजहब के लोगों को बच्चों को बचपन से उसके मजहब के बारे में पढ़ाया जाता है। तुम्हारी बेटी को कोई देखेगा तो उसे रानी लक्ष्मीबाई याद आ जायेंगी, दुर्गा माता याद आ जाएंगी वो काली बन जाएगी।

 

 

उन्होंने कहा कि मैं विवादित बयान नहीं देता मुझे हिंदुओं को लेकर अंदर ही अंदर पीड़ा होती हैं ताकि वो जागे । अब भारत में रहना होगा तो सीता राम ही कहना होगा। आज मैं अपने लिए नहीं चिल्ला रहा हु न मुझे कोई फायदा है , और ना ही मुझे राजनीति में जाना हैं।मुझे तो बस पीड़ा है की हम ही नहीं बोलेंगे तो कौन बोलेगा। ये राम का देश है , ये बाबर का देश नहीं रघुवर का देश हैं। श्रेष्ठ त्यागी वहीं है जो घर में रह कर भी सभी कामनाओं को त्याग दे , और परमात्मा की कामना करने लगे।

चुटीले व्यंग्य
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- आजकल मेरठ वाले ड्रम का जिक्र बहुत है। सब डरे हुए हैं। मुझसे एक ने पूछा- महाराज कहां जा रहे हो? मैंने कहा, मेरठ जा रहा हूं तो कहा कि उस घर में सोना जहां ड्रम न हो।
धीरेंद्र शास्त्री ने मेरठ वालों से पूछा कि प्रभु को चाहते हो या प्रभु से चाहते हो। कुछ ने दोनों कहा तो चुटकी ली। बोले- मेरठ वालों महान हो। दोबारा पूछा तो आवाज आई प्रभु को। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा प्रभु को चाहते हो तो सब कुछ मिल जाता है।
कथा सुनने के लिए उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार जैसे प्रदेशों से भी लोग पहुंच रहे हैं।

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