– सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एनसीआरटीसी ने लागू किए नियम, जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा के लिए नए दिशा-निर्देश राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर संचालित नमो भारत और मेरठ मेट्रो यात्रियों के लिए सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े नियम लागू किए हैं। यदि आप इन ट्रेनों या स्टेशनों पर किसी भी प्रकार की गंदगी फैलाते हैं या नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो अब केवल आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम, 2002 के तहत इन अपराधों के लिए जुर्माने और सजा का स्पष्ट निर्धारण किया गया है।

एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार, स्टेशन परिसर और ट्रेनों को आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की सघन निगरानी में रखा गया है। नियम तोड़ने वाले यात्रियों को स्टाफ द्वारा मौके पर ही रोका जा सकता है और यदि वे जुमार्ना नहीं भरते हैं, तो उन्हें पुलिस के हवाले कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है। यह पहल विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और यात्रियों को एक सभ्य यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए की गई है।
अपराध की श्रेणी और अर्थदंड, क्या कहते हैं नियम
(नमो भारत मेट्रो रूल्स 2026) के तहत स्वच्छता से लेकर सुरक्षा तक के लिए अलग-अलग जुमार्ने तय किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां प्रमुख दंडों की सूची दी गई है। स्टेशन या कोच के भीतर थूकने पर 200 रुपये का जुमार्ना लगेगा। जबकि, ट्रेन या स्टेशन परिसर में बीड़ी, सिगरेट या ई-सिगरेट पीना दंडनीय है, जिसके लिए 500 रुपये का जुमार्ना देना होगा। कूड़ा-कचरा फेंकने या गंदगी फैलाने पर 200 रुपये का दंड निर्धारित है। शराब पीकर हंगामा करने या सह-यात्रियों को परेशान करने पर 500 रुपये का जुर्माना और टिकट जब्त कर ट्रेन से उतारा जा सकता है। बिना आपातकाल के अलार्म बेल बजाने या संचार उपकरणों से छेड़छाड़ करने पर 10,000 रुपये तक का जुमार्ना लग सकता है।
ट्रेन के संचालन में रुकावट पैदा करने पर 5000 रुपये का जुमार्ना और 4 साल तक की कैद का प्रावधान है। विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर 5000 रुपये जुमार्ना और 4 साल का कारावास हो सकता है। ट्रेन की छत या किसी ऐसे हिस्से पर यात्रा करना जो यात्रियों के लिए नहीं है, 5000 रुपये का दंड आमंत्रित करेगा।
नमो भारत या मेट्रो की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति दुर्भावनापूर्ण तरीके से ट्रेन में तोड़फोड़ करता है, तो उसे आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है। बिना वैध अनुमति के ट्रैक पर चलने पर 500 रुपये जुमार्ना और 6 महीने की जेल हो सकती है। कोच या परिसर में पोस्टर चिपकाने या चित्र बनाने पर 1000 रुपये जुमार्ना और 6 महीने की कैद का नियम है।
एक ही स्टेशन से प्रवेश और निकासी
यदि यात्री क्यूआर कोड स्कैन करके प्रवेश करता है और उसी स्टेशन से बाहर निकलता है, तो उसे यह कार्य 20 मिनट के भीतर पूरा करना होगा। इससे अधिक समय होने पर 60 रुपये प्रति घंटे का जुर्माना लगेगा।
अलग-अलग स्टेशन से प्रवेश- निकासी
अलग-अलग स्टेशन एक स्टेशन से प्रवेश कर दूसरे से निकास के लिए अधिकतम 180 मिनट का समय दिया गया है। इस सीमा को पार करने पर 60 रुपये प्रति घंटे की पेनाल्टी देय होगी। यह नियम सुनिश्चित करता है कि स्टेशन परिसरों में अनावश्यक भीड़ न जमा हो और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
एनसीआरटीसी की यात्रियों से अपील एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो रेलवे अधिनियम के तहत ये नियम यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए बनाए गए हैं। हाल ही में 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। पुनीत वत्स ने अपील की है कि यात्री स्टेशन को साफ रखने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री साथ न लाएं।
2026 के नये नियम किए लागू
नमो भारत और मेट्रो यात्रियों के लिए 2026 के नए नियम लागू हो गए हैं। मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 के तहत थूकने पर 200 रुपये, धूम्रपान पर 500 रुपये और गंदगी फैलाने पर 200 रुपये का जुमार्ना लगेगा। इसके अतिरिक्त, गंभीर अपराधों जैसे तोड़फोड़ या परिचालन में बाधा डालने पर 10 साल तक की जेल या आजीवन कारावास का प्रावधान है। यात्रियों को स्टेशन पर रहने की समय सीमा (20 से 180 मिनट) का भी ध्यान रखना होगा, अन्यथा 60 रुपये प्रति घंटा अतिरिक्त पेनाल्टी चुकानी होगी।


